डोनाल्ड ट्रंप के अहमदाबाद के भाषण से क्यों बुरा मानी पाकिस्तानी मीडिया ??

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के भारत दौरे (India visit) पर दुनियाभर की नजरें टिकी हैं. सोमवार को अहमदाबाद (Ahmedabad) के मोटेरा स्टेडियम से ट्रंप के भाषण को पूरी दुनिया ने सुना. भारत और अमेरिका की एतिहासिक दोस्ती की बातें पूरी दुनिया में की जा रही है. जिस उत्साह से ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की और अमेरिका को भारत का भरोसेमंद दोस्त बताया, उससे पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में भारत की साख बढ़ी है.

हालांकि पाकिस्तान इसे अलग तरीके से देख रहा है. ज्यादातर पाकिस्तान की मीडिया बड़े ही सेलेक्टिव तरीके से ट्रंप के भारत दौरे को कवर कर रही है. मोटेरा स्टेडियम में उनके भाषण को भी पाकिस्तान की मीडिया ने अपने मनमुताबिक कवर किया. ज्यादातर मीडिया ने ट्रंप की भाषण के उस हिस्से की अनदेखी की, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका का प्रशासन पाकिस्तान के साथ मिलकर बड़े ही पॉजिटिव तरीके से उनकी जमीन पर चल रहे आतंकवाद को खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है.

इसकी बजाय पाकिस्तान की मीडिया ट्रंप के भाषण के उस हिस्से को तवज्जो दे रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और पाकिस्तान के अच्छे रिश्ते हैं और दोनों मिलकर इलाके का तनाव खत्म की दिशा में काम कर रहे हैं

ट्रंप के भाषण की पाकिस्तान में एकतरफा रिपोर्टिंग

ज्यादातर वेबसाइट और अखबारों ने ट्रंप के अहमदाबाद में दिए भाषण पर हेडिंग लगाई है – ट्रंप ने अहमदाबाद में कहा अमेरिका के पाकिस्तान के साथ हैं बहुत अच्छे रिश्ते. इसी लाइन पर तकरीबन हर पाकिस्तानी मीडिया ने उनके भाषण को रखा है.

पाकिस्तान के मशहूर डॉन न्यूज पेपर ने ट्रंप के आतंकवाद पर दिए गए भाषण के पूरे हिस्से को कवर किया है. हालांकि द एक्सप्रेस ट्रीब्यून, जियो न्यूज और द न्यूज एंड डेली टाइम्स जैसे मीडिया ग्रुप ने ट्रंप के भाषण की पूरी रिपोर्ट नहीं की है. सिर्फ उस हिस्से को प्रमुखता दी है, जिसमें ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और पाकिस्तान के अच्छे रिश्ते हैं.

डॉन न्यूज पेपर ने ट्रंप और नरेंद्र मोदी पर लंबा एडिटोरियल लिखा है. इसमें लिखा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री मोदी एकजैसे हैं. दोनों ही नेता दक्षिणपंथी विचारधारा की लोकप्रियता और इसे आगे बढ़ाने की वजह से शिखर तक पहुंचे हैं. दोनों ही नेता बहुसंख्य आबादी पर असर डालने वाले फैसले लेकर अल्पसंख्यकों की अनदेखी करते हैं.

इस लेख में भारत के प्रधानमंत्री मोदी की खूब आलोचना की गई है. लेख में लिखा गया है कि अमेरिका की ताकत को चुनौती देने वाले चीन से निपटने के लिए अमेरिका नई दिल्ली के साथ अपने रिश्ते बढ़ा रहा है. ये पावर बैलेंस करने की कवायद है.

पाकिस्तान की मीडिया में ट्रंप के भाषण का विश्लेषण

जियो न्यूज ने भी इसी तरह का लेख लिखा है. एक आर्टिकल में जियो न्यूज लिखता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अहमदाबाद में दिए भाषण से पता चलता है कि ग्लोबल पॉलिटिक्स किस दिशा में जा रही है. अमेरिका इंडो पैसेफिक रीजन में भारत को अपना सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी मानता है. ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री मोदी और वहां के लोकतंत्र की जिस तरह से तारीफ की है, उससे यही पता लगता है.

जियो न्यूज के लेख में ट्रंप की इस बात के लिए आलोचना की गई है कि उन्होंने पाकिस्तान की सुविधा वाले मुद्दे क्यों नहीं उठाए. लेख में कश्मीर और भारत के नए नागरिकता संशोधन कानून का मुद्दा नहीं बनाए जाने की आलोचना की गई है.

इसी तरह से दुनिया न्यूज ने अमेरिकी राष्ट्रपति के भाषण के सिर्फ उस हिस्से को प्रमुखता दी है, जिसमें ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ अमेरिका के बेहतर रिश्तों की बात की थी. पाकिस्तानी मीडिया में ट्रंप के भाषण के उस हिस्से का जिक्र नहीं हो रहा है, जिसमें उन्होंने भारत की पाकिस्तान के ऊपर किए सर्जिकल स्ट्राइक की लगभग वकालत करते हुए कहा था कि हर देश को हक है कि वो अपनी सीमाओं की सुरक्षा करे.

डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के इस सबसे अहम हिस्से में उन्होंने कहा था कि ‘हर देश को अधिकार है कि वो अपने देश की सीमाओं की सुरक्षा करे. अमेरिका और भारत ने ये फैसला किया है कि साथ मिलकर आतंकवाद को रोकेंगे और उनकी विचारधारा से लडेंगे. इसी कारण राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने के बाद अमेरिकी प्रशासन पाकिस्तान के साथ मिलकर उनकी सीमाओं में सक्रिय आतंकवादी और चरमपंथियों को नष्ट करने की दिशा में काम कर रहा है.’

ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान के साथ अमेरिका के अच्छे संबंध हैं. लेकिन उन्होंने अपनी बात में ये भी जोड़ा था कि अमेरिका इस इलाके में भारत की बड़ी भूमिका देखता है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ‘क्षेत्र के बेहतर भविष्य के लिए भारत को महत्वपूर्ण नेतृत्व करना होगा. इस पूरे क्षेत्र में समस्याओं को सुलझाने और शांति को बढ़ावा देने के लिए भारत को और अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी.’ ट्रंप के भाषण के इन हिस्सों की पाकिस्तान की मीडिया में चर्चा नहीं हो रही है. अगर हो भी रही है तो इसकी आलोचना ही की जा रही है.

SOURCE – NEWS 18

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