अंकित बालियान हत्याकांड पर गरमाई यूपी की सियासत, ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर कसा तंज
उत्तर प्रदेश में अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। राजभर ने दावा किया कि जिन लोगों पर विपक्ष राजनीति कर रहा है, उनके हत्यारे अब नर्क में पहुंच चुके हैं। इस मामले ने राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश में अंकित बालियान हत्याकांड के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। इस संवेदनशील मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता आमने-सामने आ गए हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओपी राजभर ने इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।
राजभर ने अपने बयान में अखिलेश यादव की कार्यशैली और उनके द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जिस विषय को लेकर विपक्ष राजनीति करने की कोशिश कर रहा है, उसकी सच्चाई कुछ और ही है। राजभर के अनुसार, इस मामले में शामिल अपराधी अब इस दुनिया में नहीं हैं और वे नर्क में पहुंच चुके हैं।
अमर उजाला ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, ओपी राजभर ने यह टिप्पणी तब की जब वे इस हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रमों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। उनका मानना है कि इस मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, जबकि कानून अपना काम कर चुका है।
अखिलेश यादव ने इस हत्याकांड को लेकर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। सपा मुखिया का आरोप है कि राज्य में अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सरकार को घेरा था।
ओपी राजभर का यह बयान उसी कड़ी में एक पलटवार के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। राजभर ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए ऐसे मामलों का इस्तेमाल करते हैं।
इस बयानबाजी के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी और तेज होने के आसार हैं। अंकित बालियान हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की चुनावी और राजनीतिक बिसात का एक हिस्सा बन गया है।
फिलहाल, इस मामले पर दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। आम जनता और पीड़ित परिवार के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस राजनीतिक शोर के बीच न्याय की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।