अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने 11वें आयुर्वेद दिवस पर जन-जागरूकता और पुस्तक विमोचन का किया आयोजन
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने 11वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में एक जागरूकता रैली और संगोष्ठी आयोजित की। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य और आयुर्वेद के महत्व पर चर्चा की गई। संस्थान ने इस दौरान नई पुस्तकों का विमोचन किया और आयुर्वेद से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है।

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली ने अपने परिसर में 11वें आयुर्वेद दिवस-2026 को उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर संस्थान ने विभिन्न शैक्षणिक और जनसंपर्क गतिविधियों का आयोजन किया, जिसमें एक जागरूकता रैली प्रमुख रही। इस रैली का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य देखभाल के लिए आयुर्वेद के सिद्धांतों का प्रचार करना था। रैली में संस्थान के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति, डीन, संकाय सदस्य और शोधार्थी शामिल हुए।
दिन के दूसरे भाग में 'वन हेल्थ, वन फ्यूचर' विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) रविचंदिरन वी. मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए संस्थान के प्रयासों की सराहना की। आयुष मंत्रालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय चौधरी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और ऑटोइम्यून विकारों पर व्याख्यान दिया।
संस्थान के निदेशक प्रो. प्रजापति ने प्रधानमंत्री के 'वन अर्थ, वन हेल्थ' विजन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद अब केवल पारंपरिक विरासत नहीं रहा, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य विमर्श का एक अहम हिस्सा बन गया है। इस दौरान संस्थान ने 'आयुर्वार्ता' नामक टॉक शो शुरू किया और त्वचा विज्ञान पर एक कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यक्रम के दौरान 'Tarangini Sara Sangraha' और 'Integrative Healthcare for Better Outcomes' नामक दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इसके अलावा, स्कूली छात्रों के लिए नेत्र-जांच शिविर और रोगी-केंद्रित गतिविधियां आयोजित की गईं। संस्थान के विभिन्न विभागों ने वेबिनार और विशेषज्ञ व्याख्यानों के माध्यम से स्वास्थ्य के विविध पहलुओं पर चर्चा की।
