अमरोहा: विधायक के फार्महाउस में युवती से गैंगरेप, दरोगा की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर में एक विधायक के फार्महाउस पर हरियाणा की युवती के साथ गैंगरेप की शर्मनाक घटना सामने आई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी दरोगा संजय तोमर ने एक वारंटी को पकड़ने के बहाने रवानगी दर्ज कराई थी, लेकिन वह वहां शराब पार्टी में शामिल हुआ। पुलिस की इस संलिप्तता ने खाकी की छवि को धूमिल कर दिया है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हसनपुर स्थित एक विधायक के फार्महाउस पर हरियाणा की एक युवती के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में एक दरोगा की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई है। आरोपी दरोगा संजय तोमर ने आधिकारिक तौर पर एक वारंटी को गिरफ्तार करने के लिए अपनी रवानगी दर्ज कराई थी। हालांकि, वह ड्यूटी पर जाने के बजाय फार्महाउस पर चल रही शराब पार्टी में शामिल होने पहुंच गया।
जांच में सामने आया है कि दरोगा ने खाकी वर्दी का इस्तेमाल इस अपराध को अंजाम देने के लिए एक ढाल के रूप में किया। पुलिस की मौजूदगी में इस तरह की संगीन वारदात का होना सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा तमाचा है। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है।
पीड़ित युवती हरियाणा की रहने वाली बताई जा रही है। घटना के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस की इस शर्मनाक हरकत ने आम जनता के बीच विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक के फार्महाउस का इस्तेमाल इस तरह की गतिविधियों के लिए होना बेहद चिंताजनक है। पुलिस और रसूखदारों के बीच के इस गठजोड़ ने न्याय की उम्मीदों को धूमिल कर दिया है। लोग अब दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस विभाग ने इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। दरोगा की संदिग्ध भूमिका की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
यह घटना खाकी वर्दी की गरिमा पर एक बड़ा कलंक है। एक जिम्मेदार पद पर तैनात अधिकारी का इस तरह के अपराध में शामिल होना पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।