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अमरोहा: विधायक के फार्म हाउस पर फर्जी जांच टीम को ठहराने के आरोप में दरोगा निलंबित

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस पर पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों को गृह विभाग की जांच टीम बताकर ठहराने के मामले में रजबपुर थाने के दरोगा नरेशपाल राणा को निलंबित कर दिया गया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना को लेकर महिला आयोग ने भी कड़ा रुख अपनाया है।

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां रजबपुर थाने के दरोगा नरेशपाल राणा को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस पर कुछ लोगों को गृह विभाग की जांच टीम बताकर ठहराया था, जबकि वे वास्तव में पुलिस और सीआरपीएफ के कर्मी थे।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। दरोगा पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर इन कर्मियों को वहां रुकने की व्यवस्था की थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से दरोगा को निलंबित करने का आदेश दिया।

इस पूरे प्रकरण में महिला आयोग ने भी सख्त रुख अपनाते हुए संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद से ही इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग इस बात को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर दरोगा ने ऐसा क्यों किया।

विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस पर हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच टीम के नाम पर पुलिस और सीआरपीएफ कर्मियों को ठहराने के पीछे का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इसे लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दरोगा ने यह सब किसी के दबाव में किया था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। निलंबन के बाद अब दरोगा से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से पुलिस की छवि पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, रजबपुर थाने के दरोगा नरेशपाल राणा को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना ने न केवल अमरोहा बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना दिया है। पुलिस विभाग अब इस मामले को लेकर काफी सतर्क है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहामूल रिपोर्ट देखें ↗