अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल का भारतीय शेयर बाजार पर असर, विदेशी निवेशकों ने की भारी बिकवाली
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हुई वृद्धि के कारण भारतीय शेयर बाजार में हलचल देखी गई है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 30 सितंबर को बड़े पैमाने पर शेयर बेचे हैं, जिससे बाजार में गिरावट का रुख बना हुआ है।
VIMARSHNAARAD TVभारतीय शेयर बाजार में हालिया गिरावट के पीछे अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े कारकों को मुख्य वजह माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में अचानक हुई बढ़ोतरी ने वैश्विक निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
बीबीसी न्यूज हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव का सीधा असर भारत में देखने को मिला है। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने 30 सितंबर को ही करीब 10 हजार करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बाजार से निकाल लिए।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह बिकवाली अमेरिकी बॉन्ड्स में निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाती है। जब अमेरिकी बॉन्ड से बेहतर रिटर्न की उम्मीद होती है, तो वैश्विक निवेशक उभरते बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी बॉन्ड्स में निवेश करना पसंद करते हैं।
इस घटनाक्रम ने भारतीय निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। बाजार में भारी बिकवाली के कारण सूचकांकों पर दबाव बना हुआ है, जिससे निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल, बाजार की दिशा पूरी तरह से वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करती है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में स्थिरता आने तक बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों और बॉन्ड बाजार के रुख पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि भारतीय बाजार वैश्विक वित्तीय प्रवाह के प्रति कितने संवेदनशील हैं।
कुल मिलाकर, विदेशी निवेशकों का यह कदम भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा संकेत है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक इन्हीं वैश्विक कारकों के इर्द-गिर्द घूमने की उम्मीद है।