अयोध्या के रुदौली में सरयू नदी का कहर, बाढ़ ने छीने 15 परिवारों के आशियाने
अयोध्या के रुदौली क्षेत्र में सरयू नदी के कटाव से पटरंगा मांझा गांव के 15 परिवार बेघर हो गए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित लोग अब अस्थायी छप्परों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्हें समय पर राशन और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
VIMARSHNAARAD TVअयोध्या जिले के रुदौली क्षेत्र में सरयू नदी का रौद्र रूप देखने को मिला है। नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रहे कटाव के कारण पटरंगा मांझा गांव के 15 परिवारों के घर पानी में समा गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने इन परिवारों से उनकी छत छीन ली है, जिससे वे खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हो गए हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, बेघर हुए ग्रामीण अब किसी तरह अस्थायी छप्पर बनाकर अपना जीवन गुजार रहे हैं। इन परिवारों के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है क्योंकि उनके पास न तो रहने के लिए सुरक्षित स्थान है और न ही पर्याप्त संसाधन।
प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस संकट की घड़ी में उन्हें न तो समय पर राशन मिल पा रहा है और न ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। दवाइयों के अभाव में बीमार और बुजुर्गों की स्थिति और भी दयनीय हो गई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नदी का कटाव इतनी तेजी से हुआ कि उन्हें अपने घर का सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। अब वे सरकारी मदद की बाट जोह रहे हैं ताकि उन्हें फिर से बसाया जा सके।
प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इन परिवारों की सुध न लिए जाने से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। वे मांग कर रहे हैं कि तत्काल प्रभाव से उन्हें राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जाए।
सरयू नदी का यह कटाव क्षेत्र के अन्य गांवों के लिए भी खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते कटाव रोकने के उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी परिवार बेघर हो सकते हैं।
फिलहाल, पटरंगा मांझा के ये 15 परिवार अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे आने वाली सर्द रातों को इन अस्थायी छप्परों में कैसे काटेंगे।