अयोध्या: रामलला के सखा त्रिलोकीनाथ पांडेय के परिवार को दर्शन के लिए करना पड़ा चार दिन इंतजार
अयोध्या में राम जन्मभूमि मामले के पक्षकार रहे स्वर्गीय पंडित त्रिलोकीनाथ पांडेय के परिवार को रामलला के दर्शन के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, 'रामलला के सखा' के रूप में 34 वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ने वाले पांडेय के परिजनों को दर्शन के लिए चार दिनों तक भटकना पड़ा, जिस पर उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
VIMARSHNAARAD TVअयोध्या में राम मंदिर निर्माण और राम जन्मभूमि मामले में अहम भूमिका निभाने वाले स्वर्गीय पंडित त्रिलोकीनाथ पांडेय के परिवार को दर्शन के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। पंडित पांडेय, जिन्हें 'रामलला के सखा' के रूप में जाना जाता था, ने लगभग 34 वर्षों तक राम जन्मभूमि के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी थी। उनके निधन के बाद अब उनके परिवार को दर्शन के लिए दर-दर भटकना पड़ा।
अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, पंडित त्रिलोकीनाथ पांडेय के परिजन रामलला के दर्शन करने के लिए अयोध्या पहुंचे थे। हालांकि, उन्हें दर्शन पाने के लिए चार दिनों तक काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस घटना से परिवार के सदस्यों ने गहरी नाराजगी जताई है।
परिवार का कहना है कि जिस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन रामलला के लिए समर्पित कर दिया और दशकों तक कानूनी लड़ाई लड़ी, उनके परिवार के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है। चार दिनों तक दर्शन के लिए भटकने के बाद परिवार ने अपनी पीड़ा और असंतोष व्यक्त किया है।
यह मामला अयोध्या में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े लोगों ने भी इस पर दुख जताया है। पंडित त्रिलोकीनाथ पांडेय का राम जन्मभूमि मामले में योगदान अविस्मरणीय रहा है, और उनके परिवार को हुई इस असुविधा ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, इस मामले को लेकर प्रशासन या मंदिर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। परिवार की नाराजगी इस बात को दर्शाती है कि उन्हें दर्शन के लिए कितनी अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
रामलला के सखा के परिवार के साथ हुई इस घटना ने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है कि क्या मंदिर प्रबंधन को ऐसे परिवारों के लिए विशेष व्यवस्था नहीं करनी चाहिए। यह घटना अब अयोध्या में एक संवेदनशील मुद्दा बन गई है।