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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में संभावित बदलाव की चर्चा, संघ और विहिप की भूमिका पर संतों में मंथन

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की संभावनाओं को लेकर संत समाज में हलचल तेज हो गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट में कुछ नए चेहरों को शामिल किए जाने की चर्चा है। इस संभावित बदलाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस विषय पर आगामी दो तारीख को एक महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है।

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट के संभावित पुनर्गठन को लेकर अयोध्या के संत समाज के बीच गहन चर्चाएं चल रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और संरचना में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इस प्रक्रिया में कुछ नए लोगों को ट्रस्ट में शामिल किया जा सकता है, जिससे संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके।

इस पूरे घटनाक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की भूमिका को काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इन संगठनों के परामर्श से ही ट्रस्ट के भविष्य के स्वरूप पर निर्णय लिया जाएगा।

संत समाज इस संभावित बदलाव को लेकर अपनी राय रख रहा है। ट्रस्ट के प्रबंधन और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर संतों के बीच मंथन का दौर जारी है।

इस विषय पर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए आगामी दो तारीख को एक बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में ट्रस्ट के पुनर्गठन और उसमें शामिल होने वाले संभावित नामों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है।

राम मंदिर निर्माण और उसके संचालन से जुड़े इस ट्रस्ट का महत्व अत्यंत अधिक है। ऐसे में किसी भी प्रकार का बदलाव न केवल प्रशासनिक बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अभी तक आधिकारिक रूप से नामों की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर लोग इस बदलाव को मंदिर के बेहतर प्रबंधन के प्रयास के रूप में देख रहे हैं।

आगामी बैठक के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि ट्रस्ट में किस तरह के बदलाव किए जाएंगे और संघ व विहिप की इसमें क्या भूमिका तय होती है। फिलहाल, अयोध्या में इस विषय पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्यामूल रिपोर्ट देखें ↗