अयोध्या राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत, 42 संवेदनशील स्थानों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई पहल शुरू की गई है। नवनियुक्त सीईओ एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र ने कार्यभार संभालते ही मंदिर परिसर के 42 संवेदनशील बिंदुओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य मंदिर की सुरक्षा को चाक-चौबंद करना और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर प्रभावी निगरानी रखना है।
VIMARSHNAARAD TVअयोध्या स्थित राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंदिर परिसर के भीतर 42 ऐसे स्थानों की पहचान की गई है जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना गया है। इन सभी चिन्हित बिंदुओं पर अब उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।
हाल ही में एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र ने राम मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में अपना कार्यभार संभाला है। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की प्रक्रिया और वहां तैनात कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा की।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, जितेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर की निगरानी प्रणाली को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया है। उनका मानना है कि सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछने से न केवल सुरक्षा घेरा मजबूत होगा, बल्कि मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी।
यह पहल मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और दर्शनार्थियों को एक सुरक्षित वातावरण मिल सके।
इसके अतिरिक्त, नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के व्यवहार और उनके काम करने के तरीके पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इससे मंदिर की दैनिक गतिविधियों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
आने वाले समय में इन कैमरों के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों को मंदिर परिसर की हर गतिविधि का लाइव फीड प्राप्त होगा। इससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना संभव हो पाएगा।
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के इन मानकों को जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य राम मंदिर की सुरक्षा को अभेद्य बनाना है ताकि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के दर्शन कर सकें।