अलीगढ़ की तालानगरी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, हजारों श्रमिकों और उद्यमियों के सामने गहराया संकट
अलीगढ़ की औद्योगिक पहचान तालानगरी में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। यहाँ स्थित एक हजार फैक्ट्रियों में काम करने वाले दस हजार श्रमिक जर्जर सड़कों, बंद शौचालयों और बिजली कटौती जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि सर्विस रोड पर पार्किंग की व्यवस्था न होने और जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति बदहाल हो गई है।
VIMARSHNAARAD TVअलीगढ़ की औद्योगिक पहचान के रूप में मशहूर तालानगरी इन दिनों घोर उपेक्षा का शिकार है। यहाँ संचालित करीब एक हजार औद्योगिक इकाइयों में रोजाना दस हजार से अधिक श्रमिक अपनी आजीविका के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, इन श्रमिकों और उद्यमियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है।
क्षेत्र में सड़कों की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है, जिससे आवागमन में काफी कठिनाई होती है। उद्यमियों के अनुसार, सर्विस रोड पर वाहनों की पार्किंग के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
स्वच्छता के मोर्चे पर भी तालानगरी की स्थिति चिंताजनक है। क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जो न केवल बदबू फैला रहे हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बने हुए हैं। इसके अलावा, यहां बने सार्वजनिक शौचालय लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे श्रमिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बिजली की अनियमित आपूर्ति ने भी उद्यमियों की कमर तोड़ दी है। बार-बार होने वाली बिजली कटौती से उत्पादन कार्य पर बुरा असर पड़ रहा है। उद्यमियों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण औद्योगिक क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो गया है और काम करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर इन समस्याओं को लेकर काफी रोष व्याप्त है। उद्यमियों ने प्रशासन से मांग की है कि तालानगरी की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। यदि समय रहते बुनियादी ढांचे को दुरुस्त नहीं किया गया, तो भविष्य में यहां की औद्योगिक गतिविधियों पर और भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, तालानगरी की यह दुर्दशा औद्योगिक विकास के दावों पर सवालिया निशान लगाती है। हजारों लोगों की रोजी-रोटी से जुड़े इस क्षेत्र में सुविधाओं का सूखा खत्म करने के लिए ठोस कार्ययोजना की आवश्यकता है।