अलीगढ़ के गभाना में बंदर के हमले से डरी महिला की छत से गिरने से हुई दर्दनाक मौत
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के बलवंत नगलिया गांव में एक दुखद घटना सामने आई है। बुधवार सुबह छत पर मौजूद 55 वर्षीय रामवती की बंदर के डराने पर भागते समय पैर फिसलने से मौत हो गई। वह सीधे आंगन में जा गिरीं, जिससे उनकी जान चली गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बंदर की घुड़की से घबराई महिला ने बचने का प्रयास किया था, लेकिन यह कोशिश जानलेवा साबित हुई।
VIMARSHNAARAD TVअलीगढ़ के गभाना क्षेत्र में स्थित बलवंत नगलिया गांव में बुधवार की सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, 55 वर्षीय रामवती अपने घर की छत पर मौजूद थीं, तभी वहां एक बंदर आ धमका। बंदर को देखकर महिला ने उसे वहां से हटाने की कोशिश की।
रिपोर्ट में बताया गया है कि महिला के प्रयास के जवाब में बंदर ने उन्हें घुड़की दी। इस अचानक हुए हमले से रामवती बुरी तरह घबरा गईं और वहां से भागने की कोशिश करने लगीं। इसी अफरा-तफरी के बीच उनका पैर फिसल गया और वह असंतुलित होकर सीधे नीचे आंगन में जा गिरीं।
आंगन में गिरने के कारण महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें लहूलुहान हालत में देखकर परिजनों और आसपास के लोगों के होश उड़ गए। इस दुर्घटना में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में मातम पसर गया है।
स्थानीय स्तर पर बंदरों का आतंक एक बड़ी समस्या के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर से रिहायशी इलाकों में जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे और उससे होने वाले नुकसान की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
अमर उजाला के अनुसार, यह घटना सुबह के समय हुई जब रामवती अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थीं। बंदरों की बढ़ती सक्रियता के कारण ग्रामीण अक्सर भय के साये में जीने को मजबूर हैं।
इस दुखद हादसे के बाद से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, इस मामले में किसी अन्य कानूनी कार्रवाई या मुआवजे की जानकारी नहीं दी गई है। यह घटना स्पष्ट करती है कि किस तरह से छोटी सी चूक या अचानक हुआ डर एक बड़ी त्रासदी का रूप ले सकता है।