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अलीगढ़: खैर में ट्रैफिक जाम के कारण बीमार बच्ची ने चाचा की गोद में दम तोड़ा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर कस्बे में एक दुखद घटना सामने आई है। बीमार बच्ची उर्मी को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में भारी जाम लग गया। परिजनों ने गलियों से निकलने की कोशिश की, लेकिन करीब एक घंटे की देरी के कारण बच्ची ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही अपने चाचा की गोद में दम तोड़ दिया।

अलीगढ़ के खैर इलाके में एक हृदयविदारक वाकया सामने आया है, जहां समय पर इलाज न मिल पाने के कारण एक मासूम बच्ची की जान चली गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची का नाम उर्मी था और वह गंभीर रूप से बीमार थी। उसे तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी।

परिजनों ने बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाने का निर्णय लिया। रास्ते में टेंटी गांव तिराहे के पास यातायात पूरी तरह बाधित था। जाम की स्थिति को देखते हुए बच्ची के चाचा ने एक परिचित की मोटरसाइकिल ली ताकि वे गलियों के रास्ते अस्पताल तक पहुंच सकें।

हालांकि, गलियों में भी भीड़ और जाम के कारण उन्हें अस्पताल तक पहुंचने में लगभग एक घंटे का लंबा समय लग गया। इस देरी के कारण बच्ची की स्थिति बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने अपने चाचा की गोद में दम तोड़ दिया।

यह घटना क्षेत्र में यातायात प्रबंधन की गंभीर समस्याओं को उजागर करती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जाम के कारण एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों का निकलना भी दूभर हो जाता है, जिससे अक्सर ऐसी दुखद स्थितियां पैदा होती हैं।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर पैदा कर दी है। प्रशासन को इस मार्ग पर लगने वाले जाम के स्थायी समाधान के लिए कदम उठाने की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में किसी और मासूम को ऐसी नियति का सामना न करना पड़े।

फिलहाल, इस मामले में स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। घटना के बाद से ही इलाके में यातायात व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

यह दुखद घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि सड़कों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए कितनी तत्परता की आवश्यकता है। एक छोटी सी देरी ने एक परिवार से उनकी खुशियां छीन लीं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़मूल रिपोर्ट देखें ↗