अलीगढ़ में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 100 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से कराया मुक्त
अलीगढ़ के कोल तहसील प्रशासन ने मिर्जापुर सिया क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 106 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इस जमीन की बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माणों और स्कूल की दीवारों को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान सरकारी संपत्ति को वापस हासिल करने के उद्देश्य से चलाया गया था।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में प्रशासन ने सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। कोल तहसील के अधिकारियों ने मिर्जापुर सिया इलाके में स्थित बहुमूल्य जमीन को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से छुड़ाया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल 106 बीघा जमीन को खाली कराया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इस जमीन का बाजार मूल्य 100 करोड़ रुपये से भी अधिक आंका गया है। शहर के बेहद करीब स्थित होने के कारण यह भूमि काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। लंबे समय से इस पर अवैध रूप से कब्जा जमाया गया था, जिसे हटाने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर का सहारा लिया।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन की टीम ने मौके पर बने अवैध ढांचों को जमींदोज कर दिया। इस दौरान वहां बने एक स्कूल की दीवारों को भी गिरा दिया गया, जो सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थीं। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह अभियान जिला प्रशासन की उस मुहिम का हिस्सा है जिसके तहत सरकारी जमीनों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों से मुक्त कराया जा रहा है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी ऐसी जमीनों की पहचान कर उन्हें मुक्त कराने का काम जारी रहेगा। फिलहाल, खाली कराई गई जमीन को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है और वहां सरकारी बोर्ड लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी प्रकार के विरोध या अप्रिय स्थिति को टाला जा सके। स्थानीय लोगों के बीच भी इस कार्रवाई की चर्चा बनी हुई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह जमीन अब पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण में है और इसका उपयोग जनहित के कार्यों के लिए किया जाएगा।