अलीगढ़ में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री के आवास पर शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, हाथ में कटोरा लेकर मांगी भीख
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2018 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों ने अलीगढ़ में अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के घर के बाहर बड़ी संख्या में जुटे इन प्रदर्शनकारियों ने अनोखे अंदाज में सरकार का ध्यान आकर्षित किया। दिव्यांग अभ्यर्थियों ने हाथों में कटोरे थामकर भीख मांगी और अपनी व्यथा जाहिर करते हुए नारेबाजी की।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रविवार को एक भावुक और विरोधपूर्ण नजारा देखने को मिला। वर्ष 2018 में आयोजित 68500 सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल रहे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर डेरा डाल दिया। यह प्रदर्शन काफी समय से चली आ रही नियुक्ति संबंधी विसंगतियों के खिलाफ था।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी नाराजगी जताने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया। बड़ी संख्या में जुटे इन लोगों ने सरकार के प्रति अपना विरोध प्रकट करने के लिए हाथों में कटोरे ले लिए। इस दौरान उन्होंने भीख मांगकर अपनी आर्थिक और मानसिक स्थिति को दर्शाने का प्रयास किया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
खास तौर पर दिव्यांग अभ्यर्थियों ने इस विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद मंत्री के आवास के बाहर बैठकर नारेबाजी की। उनका कहना था कि वे लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर काफी देर तक मंत्री के आवास के बाहर हंगामा किया। उनकी मुख्य मांग भर्ती प्रक्रिया में आरक्षित श्रेणी के नियमों के सही क्रियान्वयन और लंबित नियुक्तियों को पूरा करने की है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों के कारण वे कई वर्षों से दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।
मंत्री आवास पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी बात रखने पर अड़े रहे और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी जारी रखी।
अंत में, यह विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया, लेकिन अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे भविष्य में और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।