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अलीगढ़ में मगरमच्छ के साथ ग्रामीणों का अजीबोगरीब व्यवहार, रस्सियों से बांधकर बनाया गया तमाशा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने उसके साथ खिलवाड़ किया। रस्सियों से बंधे इस खूंखार जीव को देखकर लोग डरने के बजाय हंसी-मजाक करते नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में ग्रामीण मगरमच्छ के पास खड़े होकर वीडियो बना रहे हैं और उसे छूने की कोशिश कर रहे हैं। स्थानीय प्रधान के सामने भी लोग उसे उकसाने वाली बातें करते सुने गए।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां ग्रामीणों ने एक मगरमच्छ को पकड़कर उसे मनोरंजन का साधन बना लिया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह खूंखार जीव जमीन पर पड़ा हुआ था और उसके शरीर को रस्सियों से कसकर बांध दिया गया था। इस स्थिति में मगरमच्छ पूरी तरह से असहाय नजर आ रहा था।

घटनास्थल पर मौजूद दर्जनों ग्रामीणों ने इस जीव को घेर लिया था। वहां का माहौल किसी खतरे के बजाय एक मेले जैसा दिखाई दे रहा था। लोग डरने के बजाय इस स्थिति का आनंद लेते हुए नजर आए। कई लोग अपने मोबाइल फोन से इस दृश्य को कैद करने में व्यस्त थे, जबकि कुछ लोग मगरमच्छ के काफी करीब जाकर उसे छूने का प्रयास कर रहे थे।

इस दौरान वहां हंसी-मजाक का दौर चलता रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि वहां मौजूद लोग गांव के प्रधान से भी अजीबोगरीब बातें कर रहे थे। कुछ ग्रामीण प्रधान को यह चुनौती देते हुए सुने गए कि वे एक बार अपनी उंगली मगरमच्छ के मुंह में डालकर देखें। यह दर्शाता है कि ग्रामीणों में इस हिंसक जीव के प्रति कोई भय नहीं था।

मगरमच्छ जैसे खतरनाक वन्यजीव के साथ इस तरह का व्यवहार करना न केवल जोखिम भरा है, बल्कि यह वन्यजीव संरक्षण नियमों का उल्लंघन भी हो सकता है। हालांकि, वहां मौजूद भीड़ में से किसी ने भी इस बात की गंभीरता को नहीं समझा। लोग इसे एक खिलौने की तरह इस्तेमाल करते रहे।

सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन दृश्यों को देखकर लोग हैरानी जता रहे हैं कि कैसे ग्रामीण जान जोखिम में डालकर एक मगरमच्छ के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं। इस घटना ने वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल, इस मामले में प्रशासन या वन विभाग की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई की सूचना नहीं मिली है। ग्रामीणों का यह व्यवहार न केवल उस जीव के लिए कष्टदायक है, बल्कि किसी भी अनहोनी को न्योता देने जैसा है। स्थानीय स्तर पर इस घटना की चर्चा काफी तेज है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01शरद यादव, अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़मूल रिपोर्ट देखें ↗