अलीगढ़ में यूपीआई शुल्क का विरोध: दुकानदारों ने हटाए क्यूआर कोड, नकद भुगतान पर दे रहे जोर
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में डिजिटल भुगतान पर संभावित शुल्क को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है। शहर के प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने क्यूआर कोड हटाकर ग्राहकों से केवल नकद राशि स्वीकार करने का निर्णय लिया है। चाय और फल विक्रेताओं सहित छोटे व्यापारियों ने भी डिजिटल लेनदेन से दूरी बना ली है, जिससे आम ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
VIMARSHNAARAD TVअलीगढ़ के बाजारों में डिजिटल भुगतान की व्यवस्था को लेकर व्यापारियों का रुख सख्त हो गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों से क्यूआर कोड हटा दिए हैं। व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने की चर्चाओं के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। अब वे ग्राहकों से केवल नकद भुगतान करने का आग्रह कर रहे हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में रसलगंज, जयगंज और महावीर गंज जैसे प्रमुख बाजार शामिल हैं। इसके अलावा रेलवे रोड, घंटाघर, रामघाट रोड और दुबे का पड़ाव में भी व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान लेना बंद कर दिया है। इन बाजारों में अब दुकानदारों ने स्पष्ट कर दिया है कि सामान खरीदने के लिए नकद लाना अनिवार्य है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव का असर छोटे स्तर के विक्रेताओं पर भी देखा जा रहा है। चाय की दुकानों और फल विक्रेताओं ने भी क्यूआर कोड हटाकर डिजिटल भुगतान लेने से इनकार कर दिया है। इन दुकानदारों का मानना है कि शुल्क लगने से उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा।
व्यापारियों के इस फैसले से आम ग्राहकों को काफी असुविधा हो रही है। कई लोग अब डिजिटल भुगतान के आदी हो चुके हैं और उनके पास हमेशा नकद राशि उपलब्ध नहीं रहती। बाजार में खरीदारी करने आए लोगों को अब नकद की तलाश में भटकना पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि डिजिटल लेनदेन पर लगने वाले संभावित शुल्क से छोटे व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होगा। दुकानदारों का तर्क है कि वे पहले ही कम मार्जिन पर काम करते हैं, ऐसे में अतिरिक्त शुल्क का बोझ उठाना उनके लिए संभव नहीं है।
फिलहाल अलीगढ़ के बाजारों में नकद लेनदेन को लेकर एक नई स्थिति उत्पन्न हो गई है। दुकानदार अपनी बात पर अडिग हैं और ग्राहकों को डिजिटल माध्यमों के बजाय नकद भुगतान के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि डिजिटल भुगतान प्रदाता और व्यापारी वर्ग के बीच इस गतिरोध का क्या समाधान निकलता है। तब तक अलीगढ़ के बाजारों में नकद ही खरीदारी का एकमात्र माध्यम बना हुआ है।