अलीगढ़ में स्वाइन फ्लू का प्रकोप जारी, छह नए मामले सामने आने से संक्रमितों की संख्या 46 हुई
अलीगढ़ जिले में स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने छह और मरीजों के संक्रमित होने की पुष्टि की, जिसके बाद कुल मरीजों की संख्या 46 तक पहुंच गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आरटी-पीसीआर मशीन का निरीक्षण किया। अब तक जिले में कुल 197 जांचें पूरी की जा चुकी हैं।
VIMARSHNAARAD TVअलीगढ़ जिले में स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से अपने पैर पसार रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को स्वास्थ्य विभाग को छह नए मरीजों के बारे में जानकारी मिली। इन नए मामलों के सामने आने के बाद जिले में अब तक कुल 46 लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, जिले में अब तक कुल 197 आरटी-पीसीआर जांचें संपन्न कराई गई हैं। इन जांचों के परिणामों में 46 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संक्रमण को रोकने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने सक्रियता दिखाई है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर आरटी-पीसीआर मशीन का निरीक्षण किया ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। सीएमओ ने मशीन की कार्यक्षमता और जांच की गति का जायजा लिया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सा परामर्श लें।
जिले में अब तक हुई जांचों की संख्या और पॉजिटिव मरीजों के आंकड़ों से स्पष्ट है कि स्वाइन फ्लू का खतरा अभी टला नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार संदिग्ध मरीजों की पहचान करने और उनके नमूने लेने का काम कर रही हैं।
आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा और अधिक सतर्कता बरतने की उम्मीद है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतें और स्वच्छता के नियमों का पालन करें ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता अधिक से अधिक जांच करना और संक्रमित मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध कराना है। जिले के अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि उन्हें बेहतर इलाज मिल सके।