आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद कैंपस में तनाव, डीन को पद से हटाए जाने पर प्रदर्शन
आईआईटी बॉम्बे में एक छात्र की दुखद मृत्यु के बाद परिसर में छात्रों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। इस घटना के बाद संस्थान के प्रशासन ने डीन (प्रशासनिक मामले) प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को उनके पद से हटा दिया है। इस फैसले के विरोध में और डीन के समर्थन में छात्रों ने कैंपस में मार्च निकाला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
VIMARSHNAARAD TVआईआईटी बॉम्बे के परिसर में एक छात्र की असामयिक मृत्यु ने पूरे संस्थान को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद से ही छात्रों के बीच गहरा आक्रोश व्याप्त है और वे लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कैंपस में उपजे इस तनावपूर्ण माहौल के बीच संस्थान प्रशासन ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है।
बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी बॉम्बे के प्रशासन ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को डीन (प्रशासनिक मामले) के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह निर्णय छात्र की मौत के बाद उपजे विवादों और कैंपस की स्थिति को देखते हुए लिया गया है।
हालांकि, प्रशासन के इस फैसले के बाद कैंपस में एक अलग तरह की हलचल देखी गई। प्रोफेसर डुल्ला को हटाए जाने के विरोध में छात्रों का एक समूह उनके समर्थन में उतर आया है। इन छात्रों ने कैंपस के भीतर मार्च निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
छात्रों का यह प्रदर्शन इस बात को दर्शाता है कि संस्थान के भीतर इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग राय बनी हुई है। एक तरफ जहां छात्र समुदाय में घटना को लेकर दुख और गुस्सा है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी बहस छिड़ गई है।
फिलहाल, संस्थान के भीतर की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच संवाद की कोशिशें जारी हैं ताकि कैंपस में शांति बहाल की जा सके।
इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, इसे लेकर छात्रों के बीच चर्चाओं का दौर जारी है। हर कोई इस दुखद घटना के कारणों और उसके बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई के नतीजों पर नजर रखे हुए है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संस्थान प्रशासन इस स्थिति को कैसे संभालता है और छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है। फिलहाल, कैंपस में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।