आईसीएआर-सीआईआरबी हिसार में स्वच्छता संवाद का आयोजन, कचरा प्रबंधन पर जोर
हिसार स्थित आईसीएआर-सीआईआरबी ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के तहत स्वच्छता संवाद का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में कर्मचारियों ने कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक के कम उपयोग और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी पर चर्चा की। प्रतिभागियों ने अपने कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केंद्रीय भैंसों पर अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीआईआरबी), हिसार ने 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के अंतर्गत एक विशेष स्वच्छता संवाद का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संस्थान के संविदात्मक कर्मचारियों और युवा पेशेवरों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
यह कार्यक्रम स्वच्छता अभियान के आठवें दिन की कार्य योजना के तहत आयोजित किया गया था। इसमें लगभग 20 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पारंपरिक व्याख्यान पद्धति के बजाय, इस संवाद में चर्चा को प्राथमिकता दी गई, जिससे कर्मचारी अपने घरों और कार्यस्थलों पर स्वच्छता से संबंधित व्यावहारिक अनुभव साझा कर सकें।
चर्चा के दौरान कूड़ा-करकट रोकने, कचरे के जिम्मेदारीपूर्ण निपटान, प्लास्टिक के सीमित उपयोग और कचरे के पृथक्करण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से बात की गई। प्रतिभागियों ने इस बात पर सहमति जताई कि स्वच्छता केवल सफाई का काम नहीं है, बल्कि यह एक साझा सामाजिक जिम्मेदारी है।
संवाद से यह स्पष्ट हुआ कि निरंतर व्यवहारिक बदलाव और जनभागीदारी के बिना स्वच्छ भारत का लक्ष्य प्राप्त करना कठिन है। प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि कचरे को अलग-अलग करना और प्लास्टिक का अनावश्यक उपयोग कम करना जैसे छोटे कदम एक स्वस्थ वातावरण बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने परिवेश में स्वच्छता बनाए रखने और टिकाऊ आदतों को अपनाने की सामूहिक शपथ ली। इस पहल ने 'स्वच्छता में सहभाग' की भावना को बढ़ावा दिया, जो स्वच्छ और विकसित भारत के निर्माण के लिए आवश्यक है।
संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के संवाद भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि स्वच्छता को एक आदत के रूप में विकसित किया जा सके। यह कार्यक्रम न केवल सफाई के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करता है।
