आगरा: काजीपाड़ा नाले में गोबर बहाने पर तबेला संचालक पर जुर्माना, 20 दिन में शहर छोड़ने का आदेश
आगरा के काजीपाड़ा इलाके में नाले में गोबर बहाने के मामले में नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। एक तबेला संचालक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, निगम ने संचालक को चेतावनी दी है कि वह 20 दिनों के भीतर अपने तबेले को शहर की सीमा से बाहर स्थानांतरित कर ले। ऐसा न करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
VIMARSHNAARAD TVआगरा में नगर निगम ने स्वच्छता और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। काजीपाड़ा क्षेत्र में एक तबेला संचालक द्वारा नाले में गोबर बहाने की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। इस लापरवाही के कारण स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तबेला संचालक को नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया। इसके बाद, संचालक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई शहर में गंदगी फैलाने वालों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।
जुर्माने के साथ ही नगर निगम ने संचालक को एक सख्त अल्टीमेटम भी दिया है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे अगले 20 दिनों के भीतर अपने तबेले को शहर की सीमा से बाहर शिफ्ट कर लें। प्रशासन का कहना है कि रिहायशी इलाकों में तबेले होने से न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं।
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर तबेला शहर से बाहर नहीं ले जाया गया, तो संचालक के खिलाफ और अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें तबेले को सील करने या अन्य दंडात्मक उपाय शामिल हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने नगर निगम की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। निवासियों का कहना है कि नाले में गोबर बहाने से क्षेत्र में दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ गया था। प्रशासन के इस फैसले से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।
आगरा नगर निगम शहर को स्वच्छ रखने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर के सार्वजनिक स्थानों और नालों में कचरा न फेंका जाए। प्रशासन ने अन्य तबेला संचालकों को भी चेतावनी दी है कि वे नियमों का पालन करें अन्यथा उन्हें भी इसी तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।