आगरा के आरबीएस कॉलेज का पुस्तकालय होगा डिजिटल, नवंबर से शुरू होगी 1.11 लाख किताबों की सूची
उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित आरबीएस कॉलेज अपने पुस्तकालय को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। नवंबर महीने से कॉलेज की 1.11 लाख पुस्तकों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 40 से 50 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इस पहल से छात्रों और शोधकर्ताओं को पुस्तकों तक पहुंचने में काफी आसानी होगी।
VIMARSHNAARAD TVआगरा का आरबीएस कॉलेज अपने शैक्षणिक संसाधनों को डिजिटल युग के अनुरूप ढालने की तैयारी कर रहा है। संस्थान ने अपने विशाल पुस्तकालय के आधुनिकीकरण का निर्णय लिया है, जिसके तहत कॉलेज में मौजूद करीब 1.11 लाख पुस्तकों का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
संवाद न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस डिजिटल रिकॉर्ड को तैयार करने का कार्य आगामी नवंबर महीने से आरंभ कर दिया जाएगा। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इस कदम से पुस्तकालय प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी और छात्रों को अपनी जरूरत की किताबें खोजने में कम समय लगेगा।
इस पूरी परियोजना के लिए 40 से 50 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह राशि डिजिटल बुनियादी ढांचे को विकसित करने और किताबों के डेटा को व्यवस्थित रूप से कंप्यूटर में दर्ज करने पर खर्च की जाएगी।
पुस्तकालय के डिजिटल होने से न केवल छात्रों को लाभ होगा, बल्कि कॉलेज के शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए भी संदर्भ सामग्री खोजना सरल हो जाएगा। यह पहल शैक्षणिक संस्थानों में तकनीक के बढ़ते उपयोग का एक हिस्सा है।
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद, छात्र घर बैठे ही यह पता लगा सकेंगे कि कौन सी पुस्तक पुस्तकालय में उपलब्ध है और कौन सी अभी जारी की गई है। इससे किताबों के रखरखाव में भी सुधार होने की उम्मीद है।
कॉलेज प्रशासन ने इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई है। डिजिटल डेटाबेस तैयार हो जाने के बाद, इसे भविष्य में और अधिक उन्नत सुविधाओं के साथ जोड़ा जा सकता है।
आगरा के शैक्षणिक जगत में इस पहल को काफी सकारात्मक माना जा रहा है। आरबीएस कॉलेज की यह कोशिश अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है जो अपने पुस्तकालयों को आधुनिक बनाना चाहते हैं।