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आगरा के जूतों का वैश्विक बाजार में दबदबा, चार महीने में 1,613 करोड़ रुपये का निर्यात

आगरा के जूता उद्योग ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच शहर से 1,613 करोड़ रुपये के जूतों का निर्यात हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8.07 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, जूता निर्माण में उपयोग होने वाले कंपोनेंट्स के निर्यात में भारी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन तैयार चमड़े के जूतों की मांग लगातार बनी हुई है।

आगरा का जूता उद्योग एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी धाक जमाने में सफल रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से जुलाई 2026 के चार महीनों की अवधि में आगरा से कुल 1,613 करोड़ रुपये मूल्य के जूतों का निर्यात किया गया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 8.07 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है, जो स्थानीय निर्माताओं के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

ताजनगरी के रूप में प्रसिद्ध आगरा लंबे समय से चमड़े के जूतों के निर्माण का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां के कारीगरों द्वारा तैयार किए गए जूतों की गुणवत्ता और डिजाइन का कोई तोड़ नहीं है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय खरीदार लगातार आगरा के उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। निर्यात में हुई यह बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक बाजार में आगरा के जूतों की मांग में कोई कमी नहीं आई है।

हालांकि, इस रिपोर्ट में एक चिंताजनक पहलू भी सामने आया है। जूता निर्माण में उपयोग होने वाले कंपोनेंट्स के निर्यात में भारी गिरावट देखी गई है। यह गिरावट उद्योग के लिए एक चुनौती हो सकती है, क्योंकि कंपोनेंट्स का निर्यात भी स्थानीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में सुधार के लिए नई रणनीतियों की आवश्यकता है।

बावजूद इसके, तैयार चमड़े के जूतों के निर्यात में आई तेजी ने उद्योग को मजबूती प्रदान की है। आगरा के जूता निर्यातकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखना ही उनकी सफलता का मुख्य कारण है। वे लगातार नई तकनीकों और डिजाइनों को अपना रहे हैं ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहें।

स्थानीय स्तर पर इस वृद्धि से रोजगार के अवसरों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। जूता उद्योग आगरा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और निर्यात में यह उछाल हजारों कारीगरों और श्रमिकों के लिए राहत की खबर है। सरकार और संबंधित विभागों द्वारा भी इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

आने वाले महीनों में निर्यात के आंकड़ों में और सुधार होने की संभावना है। यदि कंपोनेंट्स के निर्यात में आई गिरावट को नियंत्रित किया जा सका, तो आगरा का जूता उद्योग और भी ऊंचाइयों को छू सकता है। फिलहाल, आगरा के जूता निर्माता अपनी गुणवत्ता और मेहनत के दम पर वैश्विक बाजार में अपनी पहचान को और अधिक प्रगाढ़ कर रहे हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरामूल रिपोर्ट देखें ↗