आगरा पुलिस की पकड़ से नौ साल से दूर है दुष्कर्म का आरोपी, अब एआई तकनीक से तलाश तेज
आगरा में दुष्कर्म के एक आरोपी करतार सिंह को पकड़ने के लिए पुलिस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा ले रही है। आरोपी पिछले नौ साल और नौ महीने से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा है। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है। पुलिस की टीमें दिल्ली और लखनऊ समेत छह राज्यों में उसकी तलाश कर चुकी हैं, लेकिन वह लगातार चकमा देने में सफल रहा है।
VIMARSHNAARAD TVआगरा पुलिस के लिए एक दुष्कर्म का आरोपी पिछले नौ साल से बड़ी चुनौती बना हुआ है। करतार सिंह नाम का यह व्यक्ति कानून की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह करीब नौ साल और नौ महीने से फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी रखा है।
आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने अब तक कोई कसर नहीं छोड़ी है। जांच टीमों ने देश के छह अलग-अलग राज्यों में जाकर उसकी तलाश की है। पुलिस ने दिल्ली और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में भी लंबे समय तक डेरा डाला, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका। हर बार वह पुलिस की घेराबंदी को चकमा देकर गायब होने में कामयाब रहा है।
लगातार मिल रही असफलताओं के बाद अब आगरा पुलिस ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अधिकारियों ने बताया कि अब इस मामले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक का उपयोग किया जाएगा। आधुनिक तकनीक की मदद से आरोपी के संभावित ठिकानों और उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि एआई के जरिए डिजिटल फुटप्रिंट्स और अन्य डेटा का विश्लेषण करके आरोपी तक पहुंचना आसान हो सकता है। इस नई पहल से पुलिस को उम्मीद है कि लंबे समय से फरार चल रहे इस शातिर अपराधी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जा सकेगा।
आशीष शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस विभाग इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीमें काम कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि तकनीक के साथ-साथ मुखबिरों के नेटवर्क को भी सक्रिय किया गया है ताकि आरोपी की हर हलचल पर नजर रखी जा सके।
फिलहाल, स्थानीय पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम इस केस पर काम कर रही है। एआई का उपयोग जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें आरोपी के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वे तुरंत सूचित करें।
आगरा पुलिस का यह प्रयास दिखाता है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, आधुनिक तकनीक की मदद से उसे पकड़ा जा सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एआई की मदद से पुलिस इस नौ साल पुराने मामले को सुलझा पाएगी या नहीं।