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आगरा बीएसए कार्यालय में रिश्वतखोरी का आरोप, सेवानिवृत्त शिक्षक के परिजनों ने की शिकायत

आगरा के बीएसए कार्यालय में एक लिपिक पर रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। एक सेवानिवृत्त शिक्षक के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनसे चार लाख रुपये पहले ही लिए जा चुके हैं और अब दो लाख रुपये की और मांग की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने दोनों पक्षों को 16 तारीख को सुनवाई के लिए बुलाया है।

उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय में भ्रष्टाचार का एक मामला सामने आया है। यहां तैनात एक लिपिक पर सेवानिवृत्त शिक्षक के परिजनों ने घूसखोरी का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि लिपिक ने अपना काम करने के बदले उनसे चार लाख रुपये की राशि पहले ही वसूल ली है।

परिजनों के अनुसार, इतनी बड़ी रकम लेने के बाद भी लिपिक का लालच कम नहीं हुआ है। अब वह अतिरिक्त दो लाख रुपये की मांग कर रहा है। इस अनुचित मांग से परेशान होकर पीड़ित पक्ष ने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

इस मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यालय में खुलेआम रिश्वत मांगे जाने की शिकायतों से विभाग की छवि पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर इस घटना की काफी चर्चा हो रही है।

शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है। प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

प्रशासन ने इस विवाद को सुलझाने के लिए एक निश्चित तिथि तय की है। आगामी 16 तारीख को दोनों पक्षों को कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में लिपिक और पीड़ित परिवार के सामने तथ्यों को रखा जाएगा।

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी। उम्मीद है कि इस बैठक के बाद मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, इस घटना के बाद बीएसए कार्यालय में हड़कंप की स्थिति है। कर्मचारी और अधिकारी अब इस मामले के निपटारे का इंतजार कर रहे हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरामूल रिपोर्ट देखें ↗