आगरा में कोचिंग संचालक का लावारिस हालत में अंतिम संस्कार, 72 घंटे तक नहीं पहुंचे परिजन
आगरा में आग की चपेट में आने से जान गंवाने वाले एक कोचिंग संचालक का अंतिम संस्कार लावारिस मानकर कर दिया गया। घटना के बाद 72 घंटे तक उनके परिवार का कोई भी सदस्य उनसे संपर्क नहीं कर सका और न ही कोई शव लेने पहुंचा। प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनका अंतिम संस्कार संपन्न कराया।
VIMARSHNAARAD TVआगरा में एक दुखद घटना सामने आई है जहां एक कोचिंग संचालक की आग में झुलसकर मौत हो गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस व्यक्ति की पहचान के बाद भी उनके परिवार से कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका। प्रशासन ने शव को सुरक्षित रखने के लिए 72 घंटे का लंबा इंतजार किया, लेकिन इस दौरान कोई भी परिजन सामने नहीं आया।
अधिकारियों ने बताया कि जब निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई भी व्यक्ति शव का दावा करने नहीं पहुंचा, तो इसे लावारिस मान लिया गया। कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए प्रशासन ने कोचिंग संचालक का अंतिम संस्कार कर दिया। यह स्थिति स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
इस मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि तीन दिनों तक चले इंतजार के बावजूद परिवार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। पुलिस और प्रशासन ने हर संभव प्रयास किया कि किसी तरह परिजनों को सूचित किया जा सके, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
कोचिंग संचालक की मौत के बाद उनके करीबियों या रिश्तेदारों का सामने न आना कई सवाल खड़े करता है। फिलहाल, प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी पूरी करते हुए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को अंजाम दिया है।
इस घटना ने समाज में अकेलेपन और पारिवारिक दूरियों के प्रति एक गंभीर संदेश दिया है। किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके अपनों का न पहुंचना प्रशासन के लिए भी एक चुनौती बन गया था।
फिलहाल, इस मामले में आगे की कोई जानकारी या परिजनों के बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया है। स्थानीय पुलिस मामले की अन्य पहलुओं से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आखिर परिजन क्यों नहीं पहुंच सके।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता के साथ अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। इस घटना के बाद से इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस बात से हैरान हैं कि कोचिंग संचालक के परिवार का कोई सदस्य क्यों नहीं आया।