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आगरा में 62 डायोसेसन स्कूलों की जांच रिपोर्ट छह महीने से लापता, अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी

आगरा में 62 डायोसेसन स्कूलों से जुड़ी जांच रिपोर्ट पिछले छह महीनों से गायब है। पूर्व में गठित दो सदस्यीय समिति ने समय पर रिपोर्ट नहीं सौंपी थी, जिसके बाद अब एक नई कमेटी मामले की जांच कर रही है। इस लापरवाही के चलते जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई होने की संभावना है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

उत्तर प्रदेश के आगरा में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 62 डायोसेसन स्कूलों की जांच रिपोर्ट बीते छह महीनों से रहस्यमय तरीके से गायब है। इस मामले ने स्थानीय शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट न मिलने के कारण इन स्कूलों के संचालन और अन्य संबंधित पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच के लिए छह महीने पहले एक दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति को इन स्कूलों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया। रिपोर्ट के गायब होने या जमा न होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

इस लापरवाही को देखते हुए अब उच्च अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है। पुरानी समिति की विफलता के बाद, अब एक नई कमेटी का गठन किया गया है जो इन 62 स्कूलों की फिर से जांच करेगी। नई टीम को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मामले का पटाक्षेप हो सके।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। जांच रिपोर्ट को दबाने या उसमें देरी करने वाले अधिकारियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

शिक्षा विभाग के इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि अब जांच में पारदर्शिता आएगी। स्थानीय स्तर पर इस बात की चर्चा है कि आखिर छह महीने तक रिपोर्ट क्यों नहीं दी गई। नई कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही इन स्कूलों के भविष्य और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल, शिक्षा विभाग के आला अधिकारी इस पूरे प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूलों से जुड़ी अनियमितताओं या अन्य सूचनाओं का पता लगाया जा सके। नई कमेटी की जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरामूल रिपोर्ट देखें ↗