ताज़ा अपडेटआगरा: लॉ कॉलेज की नई बिल्डिंग बनकर तैयार, फिर भी पढ़ाई शुरू होने का इंतजार; बीसीआई की मंजूरी का है पेंच
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आगरा: लॉ कॉलेज की नई बिल्डिंग बनकर तैयार, फिर भी पढ़ाई शुरू होने का इंतजार; बीसीआई की मंजूरी का है पेंच

आगरा विश्वविद्यालय के सुल्तानगंज की पुलिया स्थित कैंपस में लॉ कॉलेज की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, बीए एलएलबी और एलएलबी की कक्षाएं अभी तक शुरू नहीं हो सकी हैं। इसका मुख्य कारण बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से आवश्यक अनुमोदन का न मिलना है। विश्वविद्यालय प्रशासन पिछले दो सत्रों से मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

आगरा विश्वविद्यालय के सुल्तानगंज की पुलिया स्थित कैंपस में बनी लॉ कॉलेज की नई इमारत छात्रों के लिए तैयार है, लेकिन वहां पढ़ाई शुरू होने का रास्ता अभी भी साफ नहीं हो पाया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, बिल्डिंग का निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद शैक्षणिक सत्र शुरू नहीं हो पा रहा है।

इस देरी का मुख्य कारण बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से मिलने वाली अनिवार्य मंजूरी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीए एलएलबी और एलएलबी पाठ्यक्रमों को शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है, लेकिन बीसीआई से अनुमोदन न मिलने के कारण छात्रों का प्रवेश और पढ़ाई अधर में लटकी हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, विश्वविद्यालय पिछले दो सत्रों से बीसीआई की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। नई बिल्डिंग के तैयार होने के बाद छात्रों को उम्मीद थी कि जल्द ही कक्षाएं शुरू हो जाएंगी, लेकिन बीसीआई के मानकों और प्रक्रियाओं के कारण इसमें देरी हो रही है।

विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि वे बीसीआई के संपर्क में हैं और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है, जिससे छात्रों में निराशा है।

यह स्थिति उन छात्रों के लिए चिंता का विषय है जो इस कॉलेज में दाखिला लेने के इच्छुक हैं। लॉ की पढ़ाई के लिए बीसीआई की मान्यता अनिवार्य है, जिसके बिना डिग्री की वैधता पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए, विश्वविद्यालय प्रशासन बिना मंजूरी के कक्षाएं शुरू करने का जोखिम नहीं उठाना चाहता।

सुल्तानगंज की पुलिया स्थित कैंपस में बुनियादी सुविधाएं तो तैयार हैं, लेकिन शैक्षणिक गतिविधियों के अभाव में यह इमारत अभी भी उपयोग में नहीं आ पाई है। स्थानीय स्तर पर भी इस देरी को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जैसे ही बीसीआई से हरी झंडी मिलेगी, वे तुरंत प्रवेश प्रक्रिया और कक्षाओं का संचालन शुरू कर देंगे। तब तक छात्रों को और इंतजार करना पड़ सकता है।

यह मामला शैक्षणिक संस्थानों के लिए नियामक संस्थाओं की मंजूरी के महत्व को दर्शाता है। जब तक बीसीआई की ओर से आधिकारिक अनुमति नहीं मिल जाती, तब तक लॉ कॉलेज का संचालन शुरू करना संभव नहीं होगा।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरामूल रिपोर्ट देखें ↗