आगरा: स्मार्ट सिटी की सड़कों पर अवैध कब्जों का बोलबाला, ट्रैफिक व्यवस्था हुई बेहाल
आगरा में सिकंदरा और कारगिल जैसे प्रमुख मार्गों पर अवैध पार्किंग और ऑटो स्टैंड के कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सड़कों के बीचों-बीच वाहनों के खड़े होने और हाईवे पर ही खान-पान की दुकानों के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस बूथ से ही ट्रैफिक संचालन करने की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है।
VIMARSHNAARAD TVआगरा शहर की यातायात व्यवस्था इन दिनों गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्ट सिटी के दावे के बीच प्रमुख सड़कों पर अवैध कब्जों ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सिकंदरा चौराहा और कारगिल मॉडल रोड जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर यातायात का संचालन करना एक कठिन कार्य बन गया है।
इन सड़कों पर जगह-जगह अवैध ऑटो स्टैंड और पार्किंग बना दी गई है। बसें और ऑटो अक्सर सड़क के बीचों-बीच खड़े नजर आते हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित होती है। इसके अलावा, हाईवे के किनारे चाय और नाश्ते की दुकानें खुल जाने से सड़क पर भीड़ और भी बढ़ जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि सिकंदरा चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी अक्सर अपने बूथ के अंदर से ही ट्रैफिक को नियंत्रित करने का प्रयास करते हैं। सड़क पर उतरकर व्यवस्था संभालने के बजाय बूथ से निर्देश देने की इस शैली के कारण जाम की स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
कारगिल मॉडल रोड, जिसे शहर की बेहतर सड़कों में गिना जाता था, वहां भी अतिक्रमण का साया गहरा गया है। बार-बार शिकायतों के बावजूद यहां से अवैध कब्जों को हटाने में प्रशासन को सफलता नहीं मिल पा रही है। इससे न केवल स्थानीय निवासियों को बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर को व्यवस्थित करने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत दिखाई देती है। सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण और अनियंत्रित पार्किंग ने शहर की छवि को धूमिल किया है। आम जनता अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है ताकि सड़कों को सुगम बनाया जा सके।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन अवैध स्टैंडों और दुकानों को नहीं हटाया गया, तो स्थिति और भी विकट हो सकती है। प्रशासन को अब एक ठोस कार्ययोजना के साथ सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करने की आवश्यकता है। शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस की सक्रिय उपस्थिति ही इस समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान नजर आती है।