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आगरा: 18 साल से लापता जीएसटी विभाग के अमीन को अंतिम नोटिस, नौकरी पर मंडराया खतरा

उत्तर प्रदेश के आगरा में जीएसटी विभाग के एक अमीन के खिलाफ विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, यह कर्मचारी पिछले 18 वर्षों से बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब है। विभाग ने अब उसे अंतिम नोटिस जारी किया है। यदि वह 15 दिनों के भीतर कार्यालय में उपस्थित नहीं होता है, तो उसकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

आगरा: 18 साल से लापता जीएसटी विभाग के अमीन को अंतिम नोटिस, नौकरी पर मंडराया खतरा
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Ministry of Finance, Government of India · GODL-India · Wikimedia Commons

आगरा में जीएसटी विभाग ने एक लंबे समय से लापता कर्मचारी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग के एक अमीन, जो पिछले 18 वर्षों से अपनी ड्यूटी पर नहीं आए हैं, को अब अंतिम नोटिस भेजा गया है। यह मामला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इतने लंबे समय तक किसी कर्मचारी का बिना सूचना के अनुपस्थित रहना एक गंभीर विषय है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग ने इस कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर दिया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि संबंधित अमीन अगले 15 दिनों के भीतर कार्यालय में आकर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराता है, तो विभाग उसकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर देगा।

इतने वर्षों तक कर्मचारी के लापता रहने के बावजूद विभाग द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और वर्तमान में जारी इस नोटिस ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत यह अंतिम चेतावनी है। कर्मचारी को यह बताना होगा कि वह इतने वर्षों तक कहां था और उसने ड्यूटी पर रिपोर्ट क्यों नहीं की।

यह मामला सरकारी सेवा में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाता है। 18 साल का समय बहुत लंबा होता है, और इतने समय तक किसी कर्मचारी का विभाग से संपर्क न होना प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है। अब देखना यह है कि क्या 15 दिनों की समय सीमा के भीतर वह कर्मचारी सामने आता है या नहीं।

जीएसटी विभाग के इस कदम से स्पष्ट है कि अब विभाग किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। नोटिस जारी होने के बाद अब गेंद पूरी तरह से उस कर्मचारी के पाले में है। यदि वह समय सीमा के भीतर जवाब नहीं देता है, तो उसकी नौकरी जाना लगभग तय माना जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर काफी चर्चा है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर 18 साल तक वह कर्मचारी कहां था और उसे अब तक विभाग द्वारा क्यों नहीं ढूंढा गया। फिलहाल, विभाग ने अपनी कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अंतिम नोटिस जारी कर दिया है।

आने वाले 15 दिन इस मामले के लिए निर्णायक होंगे। यदि कर्मचारी उपस्थित होता है, तो विभाग उसके स्पष्टीकरण की जांच करेगा। अन्यथा, सेवा समाप्ति की कार्रवाई के साथ ही यह लंबा प्रकरण समाप्त हो जाएगा।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरामूल रिपोर्ट देखें ↗