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आज के छात्र कल के लोकतंत्र के पथप्रदर्शक: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अहमदाबाद में इलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट पर आयोजित पांचवें क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को राष्ट्र का भविष्य बताते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया की समझ और लोकतांत्रिक जागरूकता के लिए इलेक्टरल लिटरेसी क्लब अनिवार्य हैं। उन्होंने युवा नागरिकों को लोकतंत्र के भविष्य में निवेश बताया और भारत की चुनाव प्रणाली में उनकी भागीदारी को महत्वपूर्ण करार दिया।

आज के छात्र कल के लोकतंत्र के पथप्रदर्शक: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Sharma Dhawan · CC0 1.0 · Openverse

भारत निर्वाचन आयोग ने अहमदाबाद में 'इलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट' पर अपने पांचवें क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा नागरिकों के बीच चुनावी प्रक्रिया की समझ और लोकतांत्रिक जागरूकता को मजबूत करना था। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने छात्रों को लोकतंत्र का भविष्य बताते हुए उन्हें 'कल के पथप्रदर्शक' कहा।

श्री कुमार ने कहा कि पूरे भारत में इलेक्टरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने में सहायक होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि युवा नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया में शामिल करना और उनका विश्वास जीतना लोकतंत्र के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है। इससे पहले ऐसे सम्मेलन पटना, लखनऊ, चेन्नई और मडगांव में भी आयोजित किए जा चुके हैं।

सीईसी ने छात्रों को भारत की चुनाव प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक होने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में चुनाव पूरी तरह से संविधान और आयोग के निर्देशों के अनुसार पारदर्शी तरीके से आयोजित किए जाते हैं, जिसमें राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की भागीदारी रहती है।

'ईएलसी 2.0' पहल के तहत 'लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें' का संदेश दिया गया है। यह पहल स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में डिजिटल रूप से सक्षम प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को प्रोत्साहित करती है। ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ जुड़कर, यह पहल साल भर चुनावी जागरूकता गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी।

भारत के विशाल शैक्षिक इकोसिस्टम को देखते हुए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश में लगभग 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक हैं, जो 15 लाख स्कूलों और 1,500 विश्वविद्यालयों के माध्यम से जुड़े हैं। इस व्यापक नेटवर्क का उपयोग करके, ईएलसी 2.0 का लक्ष्य युवा नागरिकों को जागरूक लोकतांत्रिक भागीदारी के दूत बनाना है।

सम्मेलन के दौरान सीईसी ने गुजरात के 500 से अधिक बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के साथ भी संवाद किया। उन्होंने राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के सफल निष्पादन के लिए बीएलओ की सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में छात्रों और बीएलओ ने सीईसी के साथ सवाल-जवाब सत्र में भाग लिया। इस दौरान बीएलओ को अपनी शंकाओं को सीधे तौर पर दूर करने का अवसर मिला, जिससे चुनावी प्रक्रिया में उनकी भूमिका और अधिक स्पष्ट हुई।

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मूल संदर्भ

01Press Information Bureauमूल रिपोर्ट देखें ↗