आलोचनाओं पर संजू सैमसन का बड़ा बयान, बोले- मैं कोई मशीन नहीं, भावनाओं का असर पड़ता है
अफगानिस्तान के खिलाफ मिली जीत के बाद भारतीय क्रिकेटर संजू सैमसन ने सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचनाओं को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने स्वीकार किया कि लगातार हो रही चर्चाओं का उन पर प्रभाव पड़ता है क्योंकि वह एक इंसान हैं। हालांकि, सैमसन ने यह भी स्पष्ट किया कि खेल के लंबे अनुभव ने उन्हें इन परिस्थितियों में खुद को बेहतर तरीके से नियंत्रित करना सिखा दिया है।
अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया मुकाबले में जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम के खिलाड़ी संजू सैमसन ने अपने खेल और निजी जीवन पर होने वाली चर्चाओं पर खुलकर बात की है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सैमसन ने सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और आलोचकों द्वारा की जाने वाली टिप्पणियों के बारे में अपने विचार साझा किए। उन्होंने माना कि बाहर चल रही बातों का उन पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
सैमसन ने स्पष्ट किया कि वह कोई मशीन या रोबोट नहीं हैं, जिसके कारण भावनाओं का उन पर कोई प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि जब लोग उनके प्रदर्शन या टीम में जगह को लेकर लगातार बातें करते हैं, तो एक इंसान के तौर पर उन्हें भी महसूस होता है। यह स्वीकारोक्ति उनके उस मानवीय पक्ष को दिखाती है जो अक्सर मैदान के बाहर की चकाचौंध में छिप जाता है।
हालांकि, इस बातचीत के दौरान सैमसन ने यह भी जोड़ा कि उनके पास अब काफी अनुभव है। उन्होंने बताया कि क्रिकेट के मैदान पर बिताए गए लंबे समय ने उन्हें यह सिखाया है कि कैसे इन बाहरी दबावों और शोर को नजरअंदाज किया जाए। अनुभव के माध्यम से उन्होंने खुद को संभालना और मानसिक रूप से मजबूत रहना सीख लिया है।
सैमसन के अनुसार, एक पेशेवर खिलाड़ी के लिए आलोचनाओं का सामना करना खेल का ही एक हिस्सा है। उन्होंने संकेत दिया कि वह इन बातों से विचलित होने के बजाय अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करना पसंद करते हैं। उनका यह बयान उन प्रशंसकों के लिए महत्वपूर्ण है जो अक्सर खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाने और उसे बनाए रखने के लिए खिलाड़ियों को हमेशा कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ता है। सैमसन की यह टिप्पणी दर्शाती है कि शीर्ष स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और धैर्य कितना महत्वपूर्ण है। वे भी आम लोगों की तरह ही भावनाओं का अनुभव करते हैं।
अंत में, सैमसन ने अपने खेल के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करना है। बाहरी शोर चाहे कितना भी हो, उनका ध्यान हमेशा अपनी तकनीक और टीम की जीत पर ही रहता है। यह परिपक्वता उनके खेल में भी झलकती है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार रख पाते हैं।
