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इजरायल में जन्माष्टमी की धूम: तेल अवीव में यहूदी समुदाय ने भक्ति भाव से मनाए कान्हा के जन्मोत्सव

इजरायल के तेल अवीव में जन्माष्टमी का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय यहूदी समुदाय ने हरे रामा हरे कृष्णा के कीर्तन के साथ नृत्य किया और राधा-कृष्ण के प्रेम को दर्शाते हुए एक विशेष नाटक का मंचन किया। इस आयोजन में भगवान कृष्ण को भोग लगाने के लिए 108 प्रकार के व्यंजन तैयार किए गए थे, जो इस उत्सव का मुख्य आकर्षण रहे।

इजरायल में जन्माष्टमी का त्योहार एक अनूठे और भव्य स्वरूप में देखने को मिला। तेल अवीव में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय यहूदी समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भगवान कृष्ण के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की। उत्सव के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय हो गया और वहां मौजूद लोग हरे रामा हरे कृष्णा के संकीर्तन पर झूमते हुए नजर आए।

इस विशेष आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता भगवान कृष्ण को अर्पित किए गए व्यंजन थे। आयोजकों ने कान्हा के लिए कुल 108 तरह के विभिन्न पकवान तैयार किए थे, जिन्हें प्रसाद के रूप में परोसा गया। यह संख्या भारतीय परंपरा में अत्यंत शुभ मानी जाती है और इसके माध्यम से भक्तों ने अपनी श्रद्धा को व्यक्त किया।

उत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। भक्तों ने एक नाटक का मंचन किया, जिसमें राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम, उनके अटूट समर्पण और उनके आध्यात्मिक संबंधों को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस नाटक के जरिए दर्शकों को प्रेम और भक्ति का संदेश देने का प्रयास किया गया।

एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल में जन्माष्टमी का यह जश्न काफी खास अंदाज में मनाया गया। वहां के लोगों ने जिस तरह से भारतीय संस्कृति और कृष्ण भक्ति को अपनाया, वह दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है। यह आयोजन न केवल धार्मिक था, बल्कि इसने आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश भी दिया।

कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने बताया कि वे इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। कृष्ण लीलाओं के मंचन ने वहां उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस तरह के आयोजनों से इजरायल में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी भारतीय संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलता है।

पूरे आयोजन के दौरान शांति और उल्लास का वातावरण बना रहा। कीर्तन और नृत्य के माध्यम से भक्तों ने भगवान कृष्ण के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित की। यह उत्सव इस बात का प्रमाण है कि भक्ति की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती और भगवान कृष्ण का संदेश पूरी दुनिया में समान रूप से प्रभावी है।

अंत में, इस भव्य आयोजन ने सभी का दिल जीत लिया। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इजरायल में मनाई गई यह जन्माष्टमी आने वाले समय में भी लोगों के लिए एक सुखद और यादगार अनुभव बनी रहेगी।

स्रोत

मूल संदर्भ

01NDTV Indiaमूल रिपोर्ट देखें ↗