इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के 13 पुलिसकर्मियों को एससी-एसटी एक्ट के मामले में दी बड़ी राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के खरखौदा थाने में तैनात 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को निरस्त कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि निचली अदालत द्वारा प्रोटेस्ट पिटीशन को सीधे परिवाद के रूप में स्वीकार करना कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण था। इस फैसले से पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि उनके विरुद्ध एससी-एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
VIMARSHNAARAD TVइलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ जिले के खरखौदा थाने से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में 13 पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत प्रदान की है। न्यायमूर्ति ने इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के तहत चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने का आदेश दिया है। यह निर्णय कानूनी प्रक्रिया में स्पष्टता लाने के उद्देश्य से लिया गया है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने निचली अदालत के दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा प्रोटेस्ट पिटीशन को सीधे परिवाद के रूप में मानना कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं था। इस प्रक्रियात्मक चूक के कारण पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला आगे बढ़ रहा था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।
अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, यह विवाद काफी समय से चर्चा में था। पुलिसकर्मियों ने अपने खिलाफ चल रही कार्यवाही को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप आधारहीन हैं और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है।
अदालत ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि किसी भी प्रोटेस्ट पिटीशन को परिवाद के रूप में दर्ज करने से पहले कानूनी बारीकियों का ध्यान रखना अनिवार्य है। इस मामले में ऐसा न होने के कारण पूरी कार्यवाही को निरस्त करना आवश्यक हो गया था।
यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अक्सर ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, जिससे उनका मनोबल प्रभावित होता है। हाईकोर्ट के इस हस्तक्षेप से पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत मिली है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश निचली अदालतों के लिए एक नजीर का काम करेगा। भविष्य में प्रोटेस्ट पिटीशन से संबंधित मामलों में मजिस्ट्रेटों को अधिक सावधानी बरतनी होगी ताकि किसी भी निर्दोष को अनावश्यक कानूनी उलझनों का सामना न करना पड़े।
फिलहाल, इस आदेश के बाद मेरठ के खरखौदा थाने के इन 13 पुलिसकर्मियों को बड़ी कानूनी जीत मिली है। अदालत ने मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही यह निर्णय सुनाया है, जिससे पुलिसकर्मियों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही का अंत हो गया है।