ईपीएफओ ने भविष्य निधि ट्रस्टों के लिए माफी योजना शुरू की, 28 दिसंबर तक आवेदन का मौका
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने उन पीएफ ट्रस्टों के लिए एक बार का माफी अवसर पेश किया है जिनके पास औपचारिक छूट आदेश नहीं है। यह योजना 28 दिसंबर 2026 तक वैध है और इसका उद्देश्य छूट स्थिति का पूर्वव्यापी नियमितीकरण करना है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने भविष्य निधि (पीएफ) ट्रस्टों की छूट स्थिति को नियमित करने के लिए एक विशेष माफी योजना की घोषणा की है। यह पहल उन ट्रस्टों के लिए है जो आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त हैं, लेकिन जिनके पास ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 या सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत औपचारिक छूट आदेश नहीं है।
यह माफी योजना 29 जून 2026 को अधिसूचित की गई थी और यह 28 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। ईपीएफओ का कहना है कि यह उन प्रतिष्ठानों के लिए एक बार का अवसर है जो अपनी स्थिति को कानूनी रूप से नियमित करना चाहते हैं।
इस योजना के तहत, पीएफ ट्रस्टों को कोष के आकार और न्यूनतम कर्मचारी संख्या जैसी कुछ आवश्यकताओं से छूट का लाभ मिल सकता है। नियमितीकरण के बाद, प्रतिष्ठान अपनी सुविधा के अनुसार छूट प्राप्त या गैर-छूट प्राप्त श्रेणी में अनुपालन का विकल्प चुन सकते हैं।
ईपीएफओ इस योजना के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से हितधारकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) से भी सहयोग मांगा गया है ताकि योग्य पीएफ ट्रस्टों तक जानकारी पहुंचाई जा सके।
संगठन ने आयकर विभाग से भी संपर्क किया है ताकि उन ट्रस्टों की पहचान की जा सके जो इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। ईपीएफओ ने अनुरोध किया है कि आयकर विभाग किसी भी ट्रस्ट की मान्यता से संबंधित निर्णय लेने से पहले ईपीएफओ के साथ कवरेज स्थिति की जांच करे।
इच्छुक प्रतिष्ठान 11 जुलाई 2026 को जारी विस्तृत परिपत्र के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। यह परिपत्र ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय आवेदकों को पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी संभावित लाभार्थी इस माफी योजना का लाभ उठा सकें और भविष्य में अनुपालन संबंधी समस्याओं से बच सकें।
