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उत्तर प्रदेश के आठ आयुर्वेदिक कॉलेजों में बीएएमएस पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया पर लगी रोक

उत्तर प्रदेश के आठ आयुर्वेदिक शिक्षण संस्थानों को इस शैक्षणिक सत्र में बीएएमएस पाठ्यक्रम में दाखिले की अनुमति नहीं दी गई है। इनमें बरेली स्थित फ्यूचर इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंसेज भी शामिल है, जिसे 60 सीटों पर प्रवेश देने की मंजूरी नहीं मिली है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इन संस्थानों में छात्रों का नामांकन फिलहाल प्रतिबंधित रहेगा, जिससे प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। राज्य के आठ आयुर्वेदिक कॉलेजों को बीएएमएस (BAMS) पाठ्यक्रम में नए छात्रों को प्रवेश देने से रोक दिया गया है। यह प्रतिबंध केवल चालू शैक्षणिक वर्ष के लिए प्रभावी रहेगा। इस निर्णय के कारण इन संस्थानों में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों को अब अन्य विकल्पों पर विचार करना होगा।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सूची में बरेली का फ्यूचर इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंसेज भी शामिल है। इस कॉलेज को अपनी 60 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति नहीं मिल सकी है। नियामक मानकों या अन्य प्रशासनिक कारणों से मिली इस रोक के चलते संस्थान फिलहाल नए सत्र के लिए छात्रों का पंजीकरण नहीं कर पाएंगे।

राज्य के अन्य सात कॉलेजों की स्थिति भी इसी प्रकार बनी हुई है। इन संस्थानों को प्रवेश की अनुमति न मिलने से छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल है। जो छात्र इन कॉलेजों में दाखिला लेने की योजना बना रहे थे, उन्हें अब काउंसलिंग के दौरान अन्य स्वीकृत संस्थानों का चयन करना होगा।

आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर संस्थानों का निरीक्षण किया जाता है। इन आठ कॉलेजों को प्रवेश की अनुमति न मिलना इसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक संस्थान निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते, तब तक उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

प्रवेश प्रक्रिया पर लगी इस रोक का सीधा असर उन छात्रों पर पड़ेगा जिन्होंने इन कॉलेजों को अपनी प्राथमिकता सूची में रखा था। काउंसलिंग के दौरान इन सीटों को रिक्त माना जाएगा या फिर इन्हें हटा दिया जाएगा, इस पर स्पष्टता के लिए छात्रों को आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

संबंधित संस्थानों के प्रबंधन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि इस शैक्षणिक सत्र में इन आठ कॉलेजों में बीएएमएस की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकेगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से बचें और केवल अधिकृत वेबसाइट से ही जानकारी प्राप्त करें।

यह स्थिति राज्य में आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा की निगरानी और मानकों के पालन को लेकर एक कड़ा संदेश देती है। भविष्य में इन संस्थानों को दोबारा प्रवेश की अनुमति तभी मिल सकेगी जब वे सभी आवश्यक शर्तों और मानकों को पूरा कर लेंगे। तब तक, इन कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियां सीमित रहेंगी।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला ब्यूरो, बरेलीमूल रिपोर्ट देखें ↗