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उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में अब डिजिटल माध्यम से होगी छात्रों की शैक्षिक प्रगति की निगरानी

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल कर रही है। इसके तहत छात्रों के नामांकन और उनकी शैक्षणिक प्रगति पर नजर रखने के लिए एक विशेष ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है, जिससे बच्चों को मिलने वाली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में अब डिजिटल माध्यम से होगी छात्रों की शैक्षिक प्रगति की निगरानी
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Adam Jones from Kelowna, BC, Canada · CC BY-SA 2.0 · Wikimedia Commons

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के इन स्कूलों में अब छात्रों के नामांकन से लेकर उनकी शैक्षणिक प्रगति तक की निगरानी के लिए एक आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम को लागू किया जाएगा।

इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य विद्यालय प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाना है। सरकार का मानना है कि डिजिटल निगरानी के माध्यम से स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति और उनके सीखने की गति का सटीक आकलन किया जा सकेगा। इससे न केवल शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी, बल्कि शिक्षा विभाग के पास हर बच्चे का वास्तविक डेटा भी उपलब्ध रहेगा।

अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा शिक्षा की मुख्यधारा से न छूटे। नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ यह प्रणाली स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की पहचान करने में भी सहायक सिद्ध होगी। इससे समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।

इस पहल के तहत विद्यालयी प्रबंधन से जुड़ी सूचनाओं को भी डिजिटल रूप दिया जा रहा है। इससे स्कूलों में संसाधनों के आवंटन और बुनियादी सुविधाओं की निगरानी करना आसान हो जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और विद्यालय का वातावरण अधिक अनुशासित हो।

इस प्रणाली के लागू होने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने में आसानी होगी। वे वास्तविक समय में यह देख सकेंगे कि किस स्कूल में शैक्षिक गतिविधियां किस प्रकार संचालित हो रही हैं। इससे प्रशासनिक स्तर पर त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

यह कदम राज्य में शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। आने वाले समय में इस ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग शिक्षा नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार का यह प्रयास परिषदीय विद्यालयों की छवि बदलने और वहां के छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗