उत्तर प्रदेश के प्री-प्राइमरी स्कूलों में अब बनेगा समग्र रिपोर्ट कार्ड, 70 प्रतिशत उपस्थिति पर रहेगा जोर
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्री-प्राइमरी छात्रों के लिए समग्र रिपोर्ट कार्ड जारी करने का निर्णय लिया है। विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलों में छह सदस्यीय ईसीसीई कोर ग्रुप बनाने के निर्देश दिए हैं। इस नई व्यवस्था में छात्रों की 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, अब राज्य के प्री-प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का भी समग्र रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। यह पहल बच्चों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास को ट्रैक करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिलों में छह सदस्यीय ईसीसीई (ECCE) कोर ग्रुप का गठन करने का आदेश दिया है। यह समूह प्री-प्राइमरी शिक्षा के संचालन और निगरानी का कार्य करेगा।
इस नई व्यवस्था में छात्रों की उपस्थिति पर विशेष जोर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कम से कम 70 प्रतिशत छात्र नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित रहें। उपस्थिति का यह लक्ष्य शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के लिए अनिवार्य किया गया है।
अधिकारियों का मानना है कि रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से अभिभावकों को भी अपने बच्चों की प्रगति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। इससे घर और स्कूल के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
ईसीसीई कोर ग्रुप का मुख्य कार्य प्री-प्राइमरी स्तर पर शिक्षा के मानकों को लागू करना और समय-समय पर उनकी समीक्षा करना होगा। यह ग्रुप स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग के साथ मिलकर काम करेगा।
राज्य सरकार का यह प्रयास बच्चों में शुरुआती शिक्षा की नींव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि स्कूलों में अनुशासन भी बेहतर होगा।
आने वाले दिनों में इस नई प्रणाली को सभी जिलों में प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी की जा रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि इसका लाभ सीधे छात्रों तक पहुंच सके।