उत्तर प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में 3000 से अधिक छात्र सीखेंगे रोजगारपरक हुनर, प्रोजेक्ट प्रवीण हुआ शुरू
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने राज्य के सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के माध्यम से 3000 से अधिक छात्रों को विभिन्न प्रकार के कौशल प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सरकार ने 31 अलग-अलग संस्थाओं को जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं को रोजगार के लिए तैयार किया जा सके।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अब इन विद्यालयों में किताबी ज्ञान के साथ-साथ छात्रों को व्यावहारिक और रोजगारपरक कौशल भी सिखाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने इस महत्वाकांक्षी योजना को 'प्रोजेक्ट प्रवीण' का नाम दिया है। इस कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। मिशन का लक्ष्य राज्य भर के सर्वोदय विद्यालयों से 3000 से अधिक विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण प्रदान करना है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। रिपोर्ट के मुताबिक, कौशल विकास मिशन ने कुल 31 संस्थाओं को इस कार्य का जिम्मा सौंपा है। इन संस्थाओं को विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का स्पष्ट लक्ष्य दिया गया है, ताकि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना कार्य पूरा कर सकें।
यह पहल उन छात्रों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है जो अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार के अवसरों की तलाश में रहते हैं। कौशल प्रशिक्षण मिलने से उन्हें न केवल तकनीकी दक्षता हासिल होगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।
प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि शिक्षा और कौशल के बीच के अंतर को कम किया जाए। इससे न केवल छात्रों को बेहतर करियर विकल्प मिलेंगे, बल्कि राज्य में कुशल कार्यबल की उपलब्धता भी बढ़ेगी।
संबंधित अधिकारियों का मानना है कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाएगा। कौशल विकास मिशन की ओर से इन 31 संस्थाओं की निगरानी भी की जाएगी ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनी रहे।
आने वाले समय में इस योजना के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल, सर्वोदय विद्यालयों के इन 3000 से अधिक छात्रों को मिलने वाला यह प्रशिक्षण उनके शैक्षणिक जीवन में एक नया अध्याय जोड़ने का काम करेगा।