उत्तर प्रदेश: चुनावी वर्ष में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय 50 फीसदी बढ़ाने की तैयारी
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आगामी चुनावों के मद्देनजर महिला कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मासिक मानदेय में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि करने की योजना बना रही है। इस निर्णय का उद्देश्य प्रदेश की महिला आबादी के बीच अपनी पैठ मजबूत करना और इन कर्मियों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य में आगामी चुनावों को देखते हुए एक बड़ा नीतिगत बदलाव करने की तैयारी में है। लखनऊ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में भारी बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है। इस प्रस्तावित योजना के तहत उनके वर्तमान मासिक वेतन में 50 प्रतिशत तक का इजाफा किया जा सकता है।
अमर उजाला ब्यूरो के सुधीर कुमार सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कदम का मुख्य उद्देश्य राज्य की आधी आबादी, यानी महिला वर्ग को साधने का प्रयास है। आंगनबाड़ी कर्मचारी जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनके मानदेय में यह प्रस्तावित वृद्धि सरकार के लिए एक बड़ा चुनावी दांव मानी जा रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं लंबे समय से अपने आर्थिक हितों की रक्षा और मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की मांग करती रही हैं। सरकार का यह निर्णय इन कर्मियों की लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, बल्कि उनके कार्य करने के उत्साह में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
इस योजना के क्रियान्वयन से राज्य के लाखों आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इन कर्मियों की मेहनत और समर्पण को देखते हुए यह वृद्धि आवश्यक है। प्रशासनिक स्तर पर इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद इसे आधिकारिक तौर पर लागू किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावों से ठीक पहले लिया गया यह निर्णय सरकार की लोक-कल्याणकारी छवि को और अधिक मजबूत करेगा। आंगनबाड़ी तंत्र प्रदेश की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी योजनाओं की रीढ़ है, और इस वर्ग को संतुष्ट करना सरकार के लिए चुनावी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, इस संबंध में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। सरकार की ओर से जल्द ही इस प्रस्ताव पर मुहर लगाए जाने की संभावना है। यदि यह योजना धरातल पर उतरती है, तो यह उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और उनके आर्थिक उत्थान की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
इस पहल के माध्यम से योगी सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह अपने कर्मचारियों के कल्याण के प्रति गंभीर है। आने वाले दिनों में इस मानदेय वृद्धि के विस्तृत विवरण और इसके लागू होने की समय-सीमा स्पष्ट हो जाएगी।