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उत्तर प्रदेश: तबादला आदेश के बावजूद कार्यमुक्त नहीं हो रहे कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में तबादलों के बाद भी कई कर्मचारी अपने पुराने तैनाती स्थलों पर डटे हुए हैं। विभाग ने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तलब की है जो आदेश के बाद भी कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं ताकि विभागीय कामकाज और स्थानांतरण नीति का सही ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

उत्तर प्रदेश: तबादला आदेश के बावजूद कार्यमुक्त नहीं हो रहे कर्मचारी, बेसिक शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Nice Stranger5810 · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में तबादला प्रक्रिया के बाद एक अजीब स्थिति सामने आई है। विभाग के कई कर्मचारी और अधिकारी ऐसे हैं जिनका स्थानांतरण तो कर दिया गया है, लेकिन वे अपने पुराने कार्यस्थल को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, ये कर्मचारी अपने पुराने ठिकानों पर अंगद की तरह पैर जमाकर बैठे हुए हैं।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने अब कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने उन सभी कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी मांगी है जिन्होंने तबादला आदेश मिलने के बाद भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया है या अपने पुराने स्थान से कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। यह कदम विभागीय अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

अधिकारियों का मानना है कि तबादला नीति का पालन न करना प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है। जब तक कर्मचारी अपने नए स्थान पर कार्यभार नहीं संभालते, तब तक नई व्यवस्था सुचारू रूप से काम नहीं कर पाती। इसी कारण विभाग ने अब ऐसे लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विभाग द्वारा मांगी गई सूचना में उन कारणों का भी पता लगाया जाएगा कि आखिर कर्मचारी अपने पुराने स्थान पर क्यों बने हुए हैं। क्या इसके पीछे कोई तकनीकी समस्या है या फिर वे स्वेच्छा से आदेश की अवहेलना कर रहे हैं, यह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जो कर्मचारी बिना किसी ठोस कारण के अपने तबादले का विरोध कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि स्थानांतरण आदेशों का पालन अनिवार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह स्थिति तब उत्पन्न हुई है जब राज्य सरकार ने पारदर्शी तरीके से तबादले करने का दावा किया था। हालांकि, जमीनी स्तर पर इन आदेशों के क्रियान्वयन में आ रही बाधाएं अब विभाग के लिए चुनौती बन गई हैं।

आने वाले दिनों में उन कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है जो अभी भी अपने पुराने दफ्तरों में जमे हुए हैं। विभाग की इस कवायद से उम्मीद है कि जल्द ही सभी स्थानांतरित कर्मचारी अपने नए कार्यस्थलों पर अपनी जिम्मेदारी संभाल लेंगे।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗