उत्तर प्रदेश में गणेशोत्सव की शुरुआत, लखनऊ में ट्रैफिक डायवर्जन और कानपुर में पुल बंद
उत्तर प्रदेश में 14 सितंबर से गणेशोत्सव का उत्साह शुरू हो गया है। लखनऊ में उत्सव के दौरान यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। वहीं, कानपुर में जाजमऊ पुराने गंगापुल की मरम्मत के लिए तीन महीने का डायवर्जन लागू कर दिया गया है, जहां एनएचएआई ने बैरियर लगाकर ट्रायल शुरू कर दिया है।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में धार्मिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। राजधानी लखनऊ में 14 सितंबर से गणेशोत्सव का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। इस उत्सव के दौरान शहर के कई हिस्सों में यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने अगले 10 दिनों के लिए विशेष ट्रैफिक डायवर्जन योजना लागू की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले रूट प्लान की जानकारी रखें।
दूसरी ओर, कानपुर में बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लखनऊ-कानपुर मार्ग पर स्थित जाजमऊ पुराने गंगापुल की बेयरिंग बदलने का कार्य शुरू किया गया है। इस मरम्मत कार्य के चलते पुल को आगामी तीन महीनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
मरम्मत कार्य की शुरुआत के साथ ही रविवार से पुल पर डायवर्जन का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने उन्नाव पुलिस के साथ मिलकर इस मार्ग पर तीन अलग-अलग स्थानों पर बैरियर स्थापित किए हैं।
प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना और पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने का सुझाव दिया गया है।
लखनऊ में गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए यातायात पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
कानपुर में जाजमऊ पुल पर लगाए गए बैरियरों के कारण भारी वाहनों और स्थानीय यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है। एनएचएआई ने आश्वासन दिया है कि मरम्मत कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा ताकि आम जनता को लंबे समय तक परेशानी न हो।
दोनों ही शहरों में प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है। जहां एक ओर लखनऊ में उत्सव के दौरान शांति और सुगम यातायात प्राथमिकता है, वहीं कानपुर में पुल की मजबूती के लिए किए जा रहे कार्य को सुरक्षा की दृष्टि से अनिवार्य बताया गया है।