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उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू, नाम दर्ज कराना अनिवार्य

उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के आगामी दूसरे चरण के लिए प्रशासनिक तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इस प्रक्रिया के तहत 16 से 30 नवंबर के बीच नागरिकों को घर बैठे स्व-गणना करने की सुविधा दी जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना में नाम दर्ज न होने पर पात्र व्यक्ति सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं, इसलिए पंजीकरण सुनिश्चित करना आवश्यक है।

उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां शुरू, नाम दर्ज कराना अनिवार्य
लाइसेंस प्राप्त विषय चित्र: Adam Jones from Kelowna, BC, Canada · CC BY-SA 2.0 · Wikimedia Commons

उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के दूसरे चरण को लेकर राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने रूपरेखा तैयार कर ली है। जनगणना का यह चरण नागरिकों के लिए अपनी जानकारी दर्ज कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार जनगणना प्रक्रिया में स्व-गणना की सुविधा भी शामिल की गई है। इसके तहत नागरिक 16 नवंबर से 30 नवंबर के बीच अपने घर पर रहकर ही जनगणना पोर्टल या संबंधित माध्यमों से अपनी जानकारी दर्ज करा सकेंगे। यह तकनीक आधारित पहल प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

प्रशासनिक सूत्रों ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि जनगणना में नाम दर्ज कराना हर नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी कारणवश जनगणना सूची में किसी व्यक्ति का नाम छूट जाता है, तो उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।

सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए जनगणना का डेटा आधार माना जाता है। इसलिए, नाम न होने की स्थिति में पात्र व्यक्ति सरकारी सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे इस निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी और अपने परिवार की जानकारी सही-सही दर्ज कराएं।

जनगणना के इस चरण के लिए जमीनी स्तर पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि स्व-गणना की प्रक्रिया के बारे में लोगों को पर्याप्त जानकारी मिले।

यह प्रक्रिया न केवल जनसंख्या के आंकड़ों को अपडेट करने के लिए है, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं और संसाधनों के आवंटन के लिए भी एक आधार तैयार करती है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र नागरिक इस प्रक्रिया से बाहर न रहे।

नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे 16 नवंबर से शुरू होने वाली इस अवधि का लाभ उठाएं और स्व-गणना प्रक्रिया को समय रहते पूरा करें। किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता या जानकारी के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करना उचित होगा।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗