उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: पंचायती राज विभाग के निदेशक बदले गए, कई अधिकारियों का हुआ तबादला
उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 15 आईएएस और 23 पीसीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस प्रक्रिया में पंचायती राज विभाग के निदेशक पद पर एचपी शाही को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव को विभाग में मंत्री और पूर्व निदेशक के बीच कथित अनबन से जोड़कर देखा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में शनिवार को राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर प्रशासनिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। इस फेरबदल के अंतर्गत कुल 15 आईएएस और 23 पीसीएस अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है। राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
इस प्रशासनिक बदलाव में सबसे अधिक चर्चा पंचायती राज विभाग में हुए परिवर्तन की है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग के निदेशक को उनके पद से हटा दिया गया है। इस महत्वपूर्ण पद पर अब एचपी शाही को नया निदेशक नियुक्त किया गया है।
सूत्रों के हवाले से अमर उजाला ने बताया है कि इस बदलाव के पीछे पंचायती राज विभाग के मंत्री और पूर्व निदेशक के बीच चल रही अनबन एक प्रमुख कारण मानी जा रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य में हुए इन तबादलों को लेकर प्रशासनिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। 15 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव के बाद से ही विभाग के कामकाज में नई व्यवस्था लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पंचायती राज विभाग में हुए इस बदलाव का असर आने वाले समय में जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ सकता है। एचपी शाही के कार्यभार संभालने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली में क्या बदलाव आते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
सरकार द्वारा किए गए इन तबादलों को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपकर शासन ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने का प्रयास किया है।
फिलहाल, इन तबादलों के बाद संबंधित विभागों में कार्यभार संभालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य प्रशासन ने इस संबंध में विस्तृत सूची जारी कर दी है, जिसमें सभी अधिकारियों को उनके नए कार्यस्थलों पर तत्काल प्रभाव से रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
