ताज़ा अपडेटउत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ का कहर: दीवार गिरने से दस लोगों की मौत, मंदाकिनी नदी उफान पर
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उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ का कहर: दीवार गिरने से दस लोगों की मौत, मंदाकिनी नदी उफान पर

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य में दीवार गिरने की घटनाओं में दस लोगों की जान चली गई है। वहीं, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 4.5 मीटर ऊपर पहुंच गया है, जिससे रामघाट समेत कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी स्थिति गंभीर रहने की चेतावनी दी है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश के कारण हुए हादसों में दस लोगों की मौत हो गई है। ये मौतें मुख्य रूप से दीवार गिरने की घटनाओं के कारण हुई हैं। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी राज्य में बारिश और बाढ़ का असर बना रहेगा, जिससे प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं।

चित्रकूट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंदाकिनी नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। मध्य प्रदेश और पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के चलते नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। मंगलवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 126.50 मीटर को पार कर गया और यह निशान से करीब साढ़े चार मीटर ऊपर बह रही है।

नदी के इस रौद्र रूप के कारण प्रसिद्ध रामघाट पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। पानी का स्तर बढ़ने से आसपास की दुकानें, मकान, आश्रम और होटल भी डूब गए हैं। स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों के लिए स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने बचाव कार्यों को कठिन बना दिया है। स्थानीय अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अभी राहत मिलने की संभावना कम है। बारिश का दौर जारी रहने से नदियों का जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका जताई गई है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जन-धन की हानि को रोकने के लिए आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल, राज्य भर में बारिश से जुड़ी घटनाओं और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है। लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं और प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के प्रयास में जुटा है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗02अमर उजाला नेटवर्क, चित्रकूटमूल रिपोर्ट देखें ↗