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उत्तर प्रदेश में बारिश का 125 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

सितंबर के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने 125 साल का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम वैज्ञानिकों ने अगले तीन से चार दिनों तक दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। राज्य के पूर्वी और दक्षिणी जिलों में भारी वर्षा के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश में मानसून का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है। सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही राज्य में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बारिश ने पिछले 125 वर्षों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए राज्य के कई हिस्सों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक दक्षिणी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। इस दौरान पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

रिकॉर्ड बारिश के कारण जनजीवन पर भी असर पड़ा है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन अत्यधिक जलभराव से फसलों को नुकसान होने की भी आशंका है।

मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसमी बदलाव एक सक्रिय सिस्टम के कारण हुआ है जो राज्य के ऊपर बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।

राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।

नदियों के जलस्तर पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है।

यह पहली बार नहीं है जब राज्य में मानसून के दौरान इस तरह की भारी बारिश देखी गई है, लेकिन 125 साल का रिकॉर्ड टूटना एक बड़ी मौसमी घटना है। आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज कैसा रहता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

स्रोत

मूल संदर्भ

01अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗