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उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का कहर: खन्नौत और मंदाकिनी नदियों के उफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर और चित्रकूट में लगातार हो रही बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शाहजहांपुर में खन्नौत नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे गलियों में पानी भर गया है। वहीं, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान से रामघाट की 200 दुकानें जलमग्न हो गई हैं और नदी का स्तर 18 घंटे से खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। शाहजहांपुर में खन्नौत नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जो अब खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। नदी का पानी रिहायशी इलाकों की गलियों में प्रवेश कर चुका है, जिससे कई लोग अपने घरों में फंस गए हैं। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

दूसरी ओर, चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश और पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया है। रामघाट क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां करीब 200 दुकानें पानी में डूब गई हैं। व्यापारियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदाकिनी नदी का जलस्तर पिछले 18 घंटों से लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के कारण जलभराव की समस्या से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर राहत कार्य शुरू किए जा रहे हैं।

शाहजहांपुर में भी खन्नौत नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। बारिश का दौर जारी रहने के कारण नदियों के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है।

दोनों ही जिलों में स्थानीय अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। चित्रकूट में रामघाट के दुकानदारों के लिए यह स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि पानी का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

मौसम विभाग की भविष्यवाणियों और नदियों के बढ़ते स्तर को देखते हुए स्थानीय निवासियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल, दोनों ही क्षेत्रों में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना और जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करना है।

नदियों के इस उफान ने न केवल व्यापार को प्रभावित किया है, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन को भी पूरी तरह से रोक दिया है। प्रशासन और स्थानीय निकाय मिलकर जल निकासी के प्रयास कर रहे हैं ताकि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।

स्रोत

मूल संदर्भ

01संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुरमूल रिपोर्ट देखें ↗02प्रशांत सैनी, संवाद न्यूज एंजेसी, चित्रकूटमूल रिपोर्ट देखें ↗