उत्तर प्रदेश में मानसून की सुस्ती: तराई और दक्षिणी हिस्सों को छोड़कर राज्य में मौसम रहेगा शुष्क
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता में कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है। हालांकि, तराई और दक्षिणी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रह सकता है। राज्य के अन्य इलाकों में धूप और बादलों की आवाजाही के बीच मौसम के मिले-जुले रंग देखने को मिलेंगे, जिससे मानसून के कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं।
VIMARSHNAARAD TVउत्तर प्रदेश में मानसून की चाल अब धीमी पड़ती दिखाई दे रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून की सक्रियता में कमी आई है। इस बदलाव के कारण प्रदेश के कई इलाकों में अब तेज बारिश की संभावना कम हो गई है।
रविवार के मौसम पूर्वानुमान पर गौर करें तो राज्य के तराई और दक्षिणी क्षेत्रों को छोड़कर बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। इन इलाकों में केवल छिटपुट बूंदाबांदी की ही संभावना जताई गई है।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं तेज धूप खिली हुई है, तो कहीं बादलों की मौजूदगी बनी हुई है। यह स्थिति मानसून के कमजोर पड़ने के स्पष्ट संकेत के रूप में देखी जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मानसून की यही सुस्त स्थिति बनी रह सकती है। राज्य के निवासियों को अब भारी बारिश के बजाय हल्की फुहारों या साफ आसमान का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल, तराई और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कुछ चुनिंदा इलाकों में ही मौसम में थोड़ी भिन्नता बनी हुई है। इन क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के कारण बारिश की कुछ उम्मीदें अभी भी बरकरार हैं।
राज्य के अन्य जिलों में तापमान में भी मामूली बदलाव महसूस किया जा सकता है। धूप निकलने के कारण उमस और गर्मी का अहसास बढ़ सकता है, जो मानसून की विदाई से पहले की एक सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में अब मानसून का प्रभाव सीमित होता जा रहा है। मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर, राज्य के अधिकांश लोग अब बारिश से राहत या कमी की उम्मीद कर सकते हैं।