उत्तर प्रदेश में राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव का बिगुल, आदर्श आचार संहिता लागू
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा और 11 विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अमर उजाला नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने राज्य की 10 राज्यसभा सीटों और 11 विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन सीटों पर होने वाले मतदान को लेकर राजनीतिक दलों में हलचल बढ़ गई है।
चुनाव आयोग की इस घोषणा के साथ ही पूरे उत्तर प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार अब कोई भी नई नीतिगत घोषणा नहीं कर सकेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
राज्यसभा की 10 सीटों और विधान परिषद की 11 सीटों का चुनाव प्रदेश की राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन सीटों पर जीत हासिल करने के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष रखा जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। जिला स्तर पर अधिकारियों को चुनाव की तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
आचार संहिता के लागू होने से सरकारी मशीनरी पर भी चुनाव आयोग की पैनी नजर रहेगी। किसी भी सरकारी संसाधन का दुरुपयोग न हो, इसके लिए विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से भी आचार संहिता का पालन करने की अपील की है।
प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन चुनावों को लेकर काफी चर्चा है। राज्यसभा और विधान परिषद की इन सीटों के परिणाम भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। दलगत समीकरणों को साधने के लिए पार्टियां अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन कर रही हैं।
चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही अब प्रदेश में चुनावी माहौल पूरी तरह से तैयार हो गया है। प्रशासन ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का भरोसा दिलाया है। जनता की नजरें अब उम्मीदवारों की सूची और राजनीतिक दलों के प्रचार अभियान पर टिकी हैं।
