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उत्तर प्रदेश में सितंबर में सामान्य से आठ फीसदी अधिक बारिश, मौसम विभाग ने दी जानकारी

उत्तर प्रदेश में सितंबर के दौरान कम बारिश की चेतावनी के बावजूद चक्रवाती गतिविधियों के कारण सामान्य से आठ प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, राज्य के विभिन्न जिलों और क्षेत्रों में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है, जिससे कुछ स्थानों पर अधिक तो कुछ में सामान्य वर्षा हुई है।

उत्तर प्रदेश में इस बार सितंबर के महीने में मौसम का मिजाज उम्मीद से अलग रहा है। मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के विपरीत, राज्य में चक्रवाती बारिश के कारण सामान्य से आठ प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यह जानकारी अमर उजाला की रिपोर्ट में दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बारिश का वितरण काफी असमान रहा है। यह अंतर केवल पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच ही नहीं, बल्कि एक ही क्षेत्र के अलग-अलग जिलों के बीच भी देखने को मिला है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चक्रवाती गतिविधियों ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश के आंकड़ों को प्रभावित किया है। जहां कुछ जिलों में भारी बारिश हुई, वहीं कुछ अन्य जिलों में सामान्य वर्षा ही दर्ज की गई है।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश की मात्रा में बड़ा अंतर होने के कारण कृषि और अन्य क्षेत्रों पर भी इसका अलग-अलग प्रभाव पड़ा है। असमान वितरण के कारण स्थानीय स्तर पर जल प्रबंधन की चुनौतियां भी सामने आई हैं।

सितंबर में हुई इस बारिश ने राज्य के औसत वर्षा के आंकड़ों को बदल दिया है। हालांकि, कई जिलों में स्थिति सामान्य बनी रही है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में हुई अधिक बारिश ने मौसम के पैटर्न को अनिश्चित बना दिया है।

मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के सभी जिलों में एक समान बारिश नहीं हुई है। यह असमानता मौसम की बदलती परिस्थितियों का परिणाम है।

आने वाले दिनों में मौसम के रुख को लेकर स्थानीय प्रशासन और किसान सतर्क हैं। बारिश के इस असमान वितरण के कारण फसलों पर पड़ने वाले असर का आकलन भी किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, सितंबर का महीना उत्तर प्रदेश के लिए बारिश के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। चक्रवाती बारिश ने मौसम के पूर्वानुमान को चुनौती दी है।

स्रोत

मूल संदर्भ

01विनीत चतुर्वेदीन, अमर उजाला लखनऊमूल रिपोर्ट देखें ↗